पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते चैत्र मास में तीसरे दिन बुधवार को फिर से मौसम ने करवट ली। बुधवार को दिनभर धूप खिलने के बाद शाम को करीब साढ़े छह बजे तेज आंधी और गरज के साथ मध्यम बारिश हुई। बारिश के चलते गेहूं और सरसों उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। अनाज मंडी में सरसों लेकर आए किसानों को तिरपाल से ढकनी पड़ी। मौसम विशेषज्ञ ने अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई है।
बुधवार को आसमान में दिनभर हल्के से मध्यम बादल छाए रहे। शाम को एक साथ मौसम में बदलाव आया। आसमान में घने बादल छाने के साथ तेज हवा शुरू हो गई। इसके बाद करीब साढ़े छह बजे मध्यम से तेज बारिश शुरू हो गई। तेज हवा व बारिश के चलते गेहूं की फसल गिर गई। वहीं सरसों की फसल भी झड़ गई। किसान रमेश और कृष्ण ने बताया कि वे अनाज मंडी में सरसों लेकर आए थे। उन्होंने बुधवार को मंडी में सरसों फैला रखी थी। उन्होंने मौसम को देखते हुए शाम के समय इकट्ठा कर ली थी। बारिश शुरू होते ही तिरपाल से ढक दी। अब सरसों की चिंता सताने लगी है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डाॅ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आ रहा है। बुधवार को करीब दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। अगले दो दिन बारिश की संभावना है। बुधवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया।