पानीपत। आसमान में छाए बादलों को देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। गेहूं की फसलों को लेकर किसान असंमजस की स्थिति में हो रहे हैं। किसानों को चिंता सता रही हैं कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो इसका असर गेहूं की फसलों पर पड़ सकता है जिसके कारण उत्पादन कम होगा।
मंगलवार को सुबह के समय आसमान में बादल छा गए। दिन में कई बार बूंदाबांदी होने के आसार नजर आने लगे, लेकिन गनीमत यह रही कि दिन में तेज धूप खिली रही। दोपहर बाद फिर से बादल छा गए, पर बूंदाबांदी नहीं कर पाए। हवाओं में ठंडक रही, जिसके कारण ठंड बढ़ गई। बादल छाए रहने के कारण अधिकतम तापमान 21 डिग्री सैल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सैल्सियस तक रिकॉर्ड दर्ज किया गया। इससे लोग एक बार फिर से गर्म कपड़े पहने हुए दिखाई दिए।
एक और दो मार्च को गरज चमक के साथ बारिश व ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग ने 28 और 29 फरवरी को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना व्यक्त की हैं। वहीं इसके बाद एक ओर दो मार्च को क्षेत्र गरज चमक के साथ हल्की, मध्यम या तेज बारिश की संभावना व्यक्त की हैं। मौसम विभाग ने ओलावृष्टि की संभावना भी जताई हैं।
गेहूं की फसल में दाना प्रजनन की स्थिति में तो सरसों की फसल कटाई की ओर
इस समय गेंहूं की फसल जहां पर पकाव की ओर है तो वहीं पर क्षेत्र में सरसों की फसलों की कटाई चल रही है। ऐसे में अगर बारिश होती है किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। क्षेत्र में 85 हजार हैक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल है तो वहीं पर करीब सात हजार हैक्टेयर में सरसों की फसल खड़ी हैं जो कि इस समय पककर कटाई की ओर है।
वर्जन
मौसम विभाग के अधिकारी डाॅ. आशीष ने बताया कि दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे, ठंडी हवाएं भी चल सकती है व एक ओर दो मार्च को गरज चमक के साथ हल्की, मध्यम या तेज बारिश हो सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसलों में सिंचाई न करें।