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अभी मोटर पंप का सहारा, बारिश हुई तो हालात होंगे खराब

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नाले के निर्माण और रिपेयरिंग के बाद भी लेवल न होने की वजह से अभी भी मोटरपंप से होती है निकासी। - फोटो : Panipat
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पानीपत। बारिश शुरू होते ही दस कॉलोनियों के करीब 60 हजार लोगों का जलभराव से जूझना तय है। वजह है गलत ढंग से कराया गया नाले का निर्माण। लोगों के मुताबिक, करोड़ों खर्च के बावजूद वार्ड नंबर- 26 के मेन नाले को लेवल से इंजीनियर नहीं बना पाए हैं। नाले में बहने वाला गंदा पानी सीधी दिशा की बजाय उल्टी दिशा में बहता है। ऐसे में गंदा पानी निकालने के लिए मोटर पंप का सहारा लेना पड़ रहा है और जब बारिश होने लगेगी तब हालात खराब होना तय है।
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इन हालातों में स्थानीय निवासियों में गुस्सा है। व्यंग्य कसते हुए बोले, कि बारिश आने पर वे यहां मोटर बोट लेकर निगम वालों का स्वागत करेंगे। बोले, अभी आठ महीने भी नहीं हुए कि घटिया मैटेरियल टूटकर नाले में बहना शुरू हो गया है। मैटेरियल में सीमेंट न लगाने से नाले के ऊपर रखी कंक्रीट की स्लैब महज हाथ लगाने से ही टूट जा रही हैं। यहां गौर करने वाली बात ये है कि पानी की निकासी न होने से जलभराव से परेशान होकर इस नाले को बनाने और इसकी रिपयेरिंग करवाने के लिए यहां के स्थानीय निवासियों ने अक्तूबर 2020 में करीब 15 दिन तक लगातार अनिश्चतकालीन धरना दिया था। इसके बाद नाले की रिपेयरिंग करवाई गई जो छह माह भी नहीं टिकी।
इन कालोनियों के लोगों पर है जलभराव का संकट
इस नाले से वार्ड नंबर 26 से लगते एरिया से हरिनगर, सिद्धार्थ नगर, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, गंगा राम कॉलोनी, सैनी कॉलोनी, बिल्लू कॉलोनी, देव नगर, पटवारी कॉलोनी, विजय नगर, लख्मी कॉलोनी, कालूपीर कॉलोनी व इनसे सटे आस-पास एरिया के करीब 60 हजार लोगों पर बरसाती सीजन में एक बार फिर जलभराव का संकट बन चुका है।
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99 लाख से बना था नाला, फिर लगाया 47 लाख का टेंडर
स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले का निर्माण करीब 99 लाख रुपये से करवाया गया था। लेवल सही न होने की वजह से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके सुधार के लिए फिर से 47 लाख का टेंडर लगाया गया है, लेकिन इस पर भी अब काम नहीं चलाया जा रहा है। इसके बाद इसकी रिपेयरिंग व स्लैब के लिए 27 लाख का टेंडर लगाया। इसके बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा सकी। हालांकि निगम का कहना है कि उन्होंने सीएम अनाउंसमेंट के तहत करीब 4 करोड़ के काम निकासी के तहत किए थे। ये उनमें से एक था।
निगम ने किया महाघोटाला
नाले के निर्माण और रिपेयरिंग के काम में निगम ने महाघोटाला किया है। निर्माण सामग्री मेें सीमेंट तक नहीं लगाई गई। स्लैब हाथ से ही टूट रही हैं। इसके लिए वार्ड के लोग और खुद शपथ पत्र तक दे सकते हैं। गंदे पानी का बहाव सीधे की बजाए उल्टी दिशा में जा रहा है। -लांबा
मोटरबोट से करेंगे स्वागत
लाखों-करोड़ों खर्च करने के बाद भी निगम की इंजीनियरिंग विंग फेल साबित हुई है। आज तक नाले का लेवल नहीं बन पाया है। वहीं, सामग्री भी घटिया लगाई गई है। पांच-छह दिन बाद बारिश आ जाएगी तब निगम अधिकारियों का किश्तियों व बोट से स्वागत किया जाएगा। -हरदीप
निगम के भ्रष्टाचार से लोगों में रोष
एक तो नाला सही नहीं बनाया गया, जिससे गंदे पानी निकासी हो नहीं रही। मोटर पंप लगाकर गंदे पानी को निकाला जा रहा है। दूसरा, सामग्री इतनी घटिया लगा दी है कि ये हाथ से ही टूट रही है। बारिश शुरू होते ही यहां के हाल फिर से बेहद खस्ता होने वाले हैं। -रामकिशन
स्लैब पर खड़े नहीं हो सकते
नाले के ऊपर बनाई गई स्लैब इतनी घटिया क्वालिटी की है कि इस पर आदमी तक खड़ा नहीं हो सकता। वजन से ही ये टूटकर गिर जाती हैं। इनके ऊपर से कार बाइक तो गुजर ही नहीं सकती। जिनके घर या दुकान नाले से लगे हैं, उन्हें खुद स्लैब बिछवानी पड़ती है। -जयप्रकाश
सब कमीशन का खेल
ये सब कमीशन का खेल है। निर्माण करने वाले खुद ठेकेदार ने उनके सामने कबूला कि आप कमीशन बंद करवा दो वे काम सही करके देंगे। हर निर्माण का कमीशन ऊपर से नीचे तक बंटता है। कमीशन के खेल के चक्कर में हद से ज्यादा घटिया नाला बना दिया गया है। -संजय मराठा
रोज हो रहे हादसे
इस नाले में रोजाना पालतू व आवरा पशु गिर कर चोटिल हो रहे हैं। इनको निकालने के लिए स्थानीय लोगों को ही आगे आना पड़ता है। बरसात में नाला ओवरफ्लो हो जाता है। गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। बरसात आने पर ही सच्चाई अपने आप सामने आ जाती है। -रेनू
रिेपेयरिंग काम घटिया
यहां के लोगों ने करीब आठ महीने पहले 15 दिन तक धरना-प्रदर्शन किया। तब जाकर नाले की रिपेयरिंग का काम शुरू हुआ था। फिर से इस नाले को बिना लेवल से बना दिया गया। अभी तक इसमें गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मोटर पंप लगाकर गंदा पानी निकाला जा रहा है। -लक्ष्मी
गलत ढंग से कराया निर्माण
नगर निगम के इंजीनियरों ने गलत ढंग से नाले का निर्माण करवया। इसके बाद रिपेयरिंग तक गलत तरीके से करवाई। इससे लोगों में काफी रोष बना हुआ है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी आज तक सुधार नहीं हो पाया है। यहां के लोग सालों से इस समस्या से परेशान थे जो आज भी हैं। -मुकेश
जब लोगों ने नाले को लेकर यहां धरना प्रदर्शन किया था तब भी मैं मौके पर गया था। अगर घटिया सामग्री का इस्तेेमाल किया गया है या नाले को अभी तक लेवल में नहीं किया गया तो ये बड़ी परेशानी की बात है। इसलिए मौके का खुद दौरा किया जाएगा और अगर कोई लापरवाही मिली तो इसके खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
नाले का निर्माण मेरे यहां आने से पहले हुआ था। इसके बाद रिपेयरिंग का काम लाख दो लाख रुपये से ही करवाया गया था। अभी तक इसकी पेमेंट तक नहीं हुई है। यहां जो समस्या थी इसके लिए दो तीन पाइप दबाकर समस्या का समाधान करवा दिया गया था।
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- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।
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