पानीपत। 45 डिग्री की तपा देने वाली भयंकर गर्मी में वार्ड नंबर 3 के सुधीर नगर के लोग पीने के पानी के लिए एक महीने से तरस रहे हैं। लोगों को कैंपरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जो पानी सरकारी ट्यूबवेल के नलों से आ रहा है, वह गंदा और मिट्टी युक्त है। नेताओं से सीएम विंडों तक परेशान लोग फरियाद कर चुके हैं लेकिन नतीजा सिफर है। इससे लोगों में रोष है।
मिट्टी वाले पानी से लोगों की पानी की टंकियों में भी गंदगी जम चुकी है। कई लोगों ने बताया कि उनके नल जाम हो गए हैं। पानी का साफ करने वाले वॉटर प्यूरिफायर सिस्टम तक खराब हो चुके हैं। पानी भरने वाले मोटरें तक जल चुकी हैं। लोगों ने इसकी शिकायत स्थानीय नेताओं समेत निगम अधिकारियों से भी की है, लेकिन इसके बाद भी इनकी आज तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
जब निगम अधिकारियों व नेताओं ने लोगों की नहीं सुनी तो इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी की गई, लेकिन इसका भी निगम और नेताओं पर कोई असर नहीं हुआ। नाराज लोगों ने इसका ठीकरा सीधा सरकार पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि अबकी बार वोट मांगने आने वाले नेेताओं से इसका जवाब मांगेंगे। लोगों का कहना है कि यहां करीब 400 से 500 घरों में ये समस्या है। खास बात ये रही कि जब लोग विरोध प्रदर्शन पर उतरे तो मौके पर पार्षद अंजलि शर्मा भी पहुंचीं। लोगों की समस्याओं के बाद उन्होंने समस्या का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन भी दिया।
खराब ट्यूबवेल की जगह लगाए थे छोटे ट्यूबवेल
लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 3 के सुधीर नगर में मंसाराम हाई स्कूल के पास पहले पब्लिक हेल्थ का बड़ा ट्यूबवेल था जो ठप हो चुका है। अब पब्लिक हेल्थ बड़ा ट्यूबवेल लगाने के लिए तैयार है लेकिन ट्यूबवेल लगाने की जगह नहीं है। अब निगम छोटे ट्यूबवेल लगा रहा है। इन छोटे ट्यूबवेल में से गंदा और मिट्टी युक्त पानी आ रहा है। इस पानी को न तो पीया जा सकता है और न ही कपड़े धोए जा सकते हैं।
एक बाल्टी पानी में आधी मिट्टी
एक बाल्टी पानी में आधी बाल्टी मिट्टी जमा हो जाती है। इस पानी को अगर नेता पीकर दिखाएं तो वे मान जाएंगे। ऐसा एक दो नहीं बल्कि सभी घरों में हो रहा है। लोग इससे बीमार हो रहे हैं। इससे लोगों में भयंकर रोष बना हुआ है। -मनोज वर्मा
छानकर पीना पड़ता है पानी
पानी में इतनी मिट्टी आती है कि इससे आरओ सिस्टम तक खराब हो चुके हैं। लोग पानी निथारने के बाद इसे छान कर पीने को मजबूर हैं। हैरानी की बात ये है कि इतनी गर्मी में भी कोई उनकी पीने के पानी तक की फरियाद नहीं सुन रहा। -हरीश
कपड़े तक नहीं धो सकते
पानी इतना गंदा है कि इसे पीने तो दूर नहाने या कपड़े धोने तक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। लोग बीमार हो रहे हैं। इस पानी को घर में किसी भी उपयोग में नहीं लाया जा सकता। शिकायत के बाद भी किसी पर कोई असर नहीं है। -राजकुमार
कैंपर मंगवा चला रहे काम
पीने के पानी की समस्या एक माह से है। पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। इसके लिए पीने के पानी का कैंपर मंगवा रहा हूं। भयंकर गर्मी में सरकार और निगम प्रशासन लोगों को पीने के पानी तक की सुविधा मुहैया नहीं करवा पा रहा। -सुमेर चंद वर्मा
पाइप तक हुई ब्लॉक
मिट्टी युक्त पानी आने से घरों में पानी की पाइप फिटिंग ब्लॉक हो चुकी है। आरओ बंद पड़े हैं। मोटर जल चुकी हैं। अब इन्हें रिपेयर करवाना पड़ रहा है। पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। एक माह से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। -नरेश वर्मा
गर्मी में ज्यादा हालत खराब
पीने के पानी की समस्या को लेकर लोग पिछले एक माह से परेशान हैं। निगम प्रशासन और नेता लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध करवाने में नाकामयाब रहे हैं। बढ़ती गर्मी में ज्यादा समस्या है पर लगता है कि किसी को हमारी परवाह नहीं। -राम प्रकाश
लोग परेशान हैं, अब निगम के सामने देंगे धरना- पार्षद
लोगों के घरों में पिछले एक माह से गंदा पानी आ रहा है। इसके लिए निगम से तीन ट्यूबवेलों की अप्रूवल भी ली थी, जिसका टेंडर भी लगाया गया, लेकिन दो बिड आईं। ऐसे में निगम ने टेंडर खोला नहीं। आपातकालीन स्थिति में निगम को कैसे भी करके लोगों को पीने के पानी की सुविधा देनी होगी। वरना वार्ड के लोगों के साथ निगम कार्यालय के बाहर धरना देने का हमें मजबूर होना पड़ेगा।
अंजलि शर्मा, पार्षद वार्ड नंबर 3