संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। हथिनीकुंड बैराज पर पानी रोकने के बाद यमुना का जलस्तर करीब दो फीट कम हो गया है, लेकिन इसके बाद भी खतरे के निशान 231.50 मीटर पर पानी बह रहा है। वीरवार को पानी और कम होने की उम्मीद है। हालांकि पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में बारिश के चलते यमुना में पानी और बढ़ने का खतरा बना हुआ है। यमुना की तलहटी में करीब 20 हजार एकड़ फसल में पानी जमा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी तटबंध पर लगातार गश्त कर रहे हैं।
यमुना में पानी घटने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इन सबके बीच एक्सईएन सुरेश सैनी टीम के साथ यमुना पर तैनात रहे। ग्रामीण भी तटबंध की निरंतर निगरानी करने में लगे रहे। जेसीबी व पोपलेन को अभी भी तटबंध पर तैनात किया गया। अभी हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 2.5 लाख क्यूसेक पानी जिला की सीमा में चल रहा है। यह पानी वीरवार सुबह तक आगे निकल जाएगा।
नवादा-आर में कटाव नहीं हो पाए बंद
नवादा-आर गांव में करीब दो सप्ताह पहले जमीन में कटाव हुआ था। यह अब तक बंद नहीं हो पाया है। सिंचाई विभाग के जेई मोहित ने टेंट लगाकर टीम के साथ डेरा डाल लिया है। जेसीबी को लगाया है। राणा-माजरा, पत्थरगढ़, नवादा आर व पार तामशाबाद गांव में आते हैं। नवादा-आर व तामशाबाद में पानी जमा है। यहां यमुना का तटबंध 1978, 2013 व जुलाई 2023 में टूटा था।
खेतों में अब भी भरा है यमुना का पानी
यमुना का पानी मंगलवार को तटबंध पर ओवरफ्लो होकर गांव रामड़ा आर, रिशपुर व सनौली खुर्द के खेतों में घुस गया था। यमुना का पानी अब दो फीट कम होने से ओवरफ्लो बंद हुआ है। तीनों गांव के खेतों में अब भी पानी जमा है। सनौली गाेशाला में पानी जमा है। तटबंध के अंदर करीब 12 गांवों के किसानों की करीब 20 हजार एकड़ फसल में पानी भरा है।
रहीमपुर खेड़ी में फंसे में ग्रामीण
यमुना के टापू पर बसे गांव रहीमपुर खेड़ी का बुधवार को लगातार दूसरे दिन संपर्क कटा रहा। करीब 80 ग्रामीण फंसे हुए हैं। उनके पास दाे या तीन का राशन बताया गया है। प्रशासन ने इंजन बोट मशीन यमुना तटबंध के पास खड़ी की हैं। चेतावनी के निशान से कम होने पर ही इंजन बोट को चलाया जाएगा।
वर्जन :
यमुना में पानी खतरे के निशान पर चल रहा है। यह करीब दो फीट तक कम हुआ है। वीरवार सुबह तक पानी और कम हो सकता है। प्रशासन लोगों की मदद के लिए काम कर रहा है।
- सुरेश सैनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग