संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना का जलस्तर अब चेतावनी बिंदू से तीन फीट कम हो गया है मगर उतरते हुए पानी से मिट्टी का कटाव शुरू हो गया। जिले के छह से अधिक गांवों में मिट्टी का कटाव होने से तटबंधों को काफी नुकसान हुआ है। हाल ही में बनाई गई पत्थरों की ठोकरें जमीन में धंस गई हैं।
साथ ही यमुना के किनारे खेतों से मिट्टी का कटाव होने से फसलों को भी नुकसान हुआ है। पोपलर और गन्ने की फसल बह गई। वहीं, तटबंध के अंदर किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। अभी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से कुछ कम है। जिस कारण सिंचाई विभाग की ओर से लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
तीन दिन पहले यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था। जिससे नदी का पानी आस-पास के खेतों और तटबंधों तक पहुंच गया था। अब धीरे-धीरे जलस्तर कम हो रहा है। जैसे-जैसे पानी का स्तर कम हो रहा है तो मिट्टी का कटाव भी तेजी से बढ़ रहा है। नवादा-आर के पास बांध के अंदर भूमि कटाव से किसानों की पोपलर, गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ। पांच किसानों की पांच एकड़ से अधिक फसल कटाव में बह गई है। बाढ़ के पानी से कटाव के बाद गहरे कुंड बन गए हैं। सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी के कट्टों को लगाकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी भी कटाव तेजी से बढ़ रहा है।
नवादा आर और नवादा पार के ग्रामीणों का कहना है कि यूपी की और खनन पट्टे थे। ठेकेदार ने गहराई तक खनन किया। जिससे यमुना नदी में कुंड बन गए थे।
यमुना में तटबंध के लिए लगाए जा रहे मिट्टी के कट्टे। संवाद
यमुना में तटबंध के लिए लगाए जा रहे मिट्टी के कट्टे। संवाद