फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद दो दिन कर रहे दवाओं का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद दो दिन तक दवाओं का इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों ने शिकायत की कि शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव मिली और दवाएं सोमवार को मिलीं।
विज्ञापन

जिले में कोरोना की तीसरी लहर पीक पर है। जनवरी में 188 की औसत से अब तक कोरोना के रोगी मिले हैं। जिले में फिलहाल कोरोना के 1796 केस एक्टिव हैं। इनमें से 1780 मरीज घरों में आइसोलेट हैं। 16 मरीज स्वास्थ्य केंद्रों में भी दाखिल है। स्वास्थ्य विभाग इस लहर में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरत रहा है। कई मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग पर उनकी देखभाल न करने व समय पर दवा न देन के आरोप लगाए हैं।
सिविल अस्पताल व एक सामुदायिक केंद्र के डॉक्टर ने बताया कि कोरोना के रोगियों की संख्या अधिक है। जिले में आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्कर की संख्या कम है। मरीज तक स्वास्थ्य कर्मचारी एक या दो दिन बाद ही पहुंचता है। तब तक मरीज डॉक्टरों को कॉल कर इलाज के बारे में जानकारी लेते हैं। डॉक्टरों से मिले परामर्श के अनुसार मरीज खुद ही अपना इलाज करते हैं।
विज्ञापन

दवाओं में काढ़ा तय पर सबको नहीं मिलता
सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर में इस बार दवाओं में काढ़े को भी शामिल किया है। काढ़े से इम्युनिटी पावर मजबूत होती है, लेकिन मरीजों का आरोप है कि उन्हें चार दिन की दवा दी जाती है। काढ़े के पैकेट की स्वास्थ्य विभाग के पास कमी है इसलिए उन्हें समय पर वह नहीं मिल पाता।
क्या कहते हैं मरीज
जब डिस्पेंसरी खुलेगी, तब दवा मिलेगी
राजीव कॉलोनी के अमन ने बताया कि उसकी रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव मिली थी। शाम को आशा वर्कर का फोन आया था। कहा कि सोमवार को डिस्पेंसरी खुलेगी तब दवा दी जाएगी। रविवार को डिस्पेंसरी बंद होती है। उन्हें निजी डॉक्टरों से ही दवा लेनी पड़ी। यह लापरवाही ठीक नहीं है।
मरीजों की कोई देखभाल नहीं करता
मॉडल टाउन के रहने वाले मुकेश ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद दवाएं नहीं मिलती। मरीज घरों में आइसोलेट रहते हैं। खुद ही डॉक्टरों से परामर्श लेकर अपना इलाज करना पड़ता है। दो दिन तक दवाओं का इंतजार कराना ठीक नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
दवाएं तो मिली पर काढ़ा नहीं मिला
मॉडल टाउन निवासी रोहित ने बताया कि सरकार ने अबकी दवाओं में काढ़ा भी तय किया था। कोरोना पॉजिटिव आने के उन्हें दो दिन बाद दवाएं मिली, लेकिन काढ़ा नहीं मिला। यह आरोप भी लगाया कि आइसोलेशन में मरीजों का ध्यान नहीं रखा जाता।
ये मामला गंभीर, इसका समाधान करेंगे
अगर मरीजों को देरी से दवा मिल रही है तो ये मामला गंभीर है। इस संबंध में आशा वर्कर को जल्द दवा पहुंचाने के निर्देश दिए जाएंगे। इस समस्या का जल्द समाधान करेंगे। मरीजों के स्वास्थ्य से लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें