संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सेवा पखवाड़े के दौरान शनिवार को एनएसएस के स्वयंसेवकों ने कॉलेज में पौधरोपण कर रैली निकाली। इसके साथ रेलवे स्टेशन और उसके नजदीक झुग्गी-झोपड़ियों में स्वच्छता अभियान चलाया।
उप-प्राचार्य प्रो. प्रवीण आर खेरडे़ ने रैली को झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जब जल, स्वच्छता और साफ-सफाई संकेतकों की बात आती है तो स्थिति चिंताजनक है। ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रमुख घटकों में से एक है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जीवन की सामान्य गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग ने कहा कि कचरे के निष्पादन के मुद्दे से निपटने का समाधान अब सेवा वितरण और तकनीकी मॉडल की खोज करना है। क्रियाशील, व्यावहारिक, सामाजिक रूप से स्वीकार्य, संस्थागत रूप से संगत और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य होने चाहिए। डॉ. संतोष कुमारी ने कहा कि स्वच्छता शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टि से मानव जीवन का एक बहुत ही आवश्यक घटक है। आध्यात्मिक स्वच्छता का अर्थ है अपने धर्म की मान्यताओं और रीति-रिवाजों का पालन करना। दूसरी ओर भौतिक स्वच्छता मानवता के कल्याण और अस्तित्व के लिए आवश्यक है। स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना जरूरी है। अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए स्वच्छता का अभ्यास करना जरूरी है। अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना और बीमारियों से बचना इंसान के लिए जरूरी है।