माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बीमारी के कारण 10 दिन पहले भाई महेंद्र जुनेजा की मौत से पानीपत के अंसल निवासी विन्नी सदमे में थीं। वह भाई का 10वां करने हरिद्वार जाने के लिए सुबह साढ़े छह बजे घर से निकली थीं। साथ में दूसरी बहन, भाई का परिवार भी था। पानीपत-हरिद्वार हाईवे पर मुजफ्फरनगर के पास हुए हादसे में एक साथ तीन परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। इस हादसे में पानीपत की अंसल सुशांत सिटी कॉलोनी की कोठी नंबर डी-1731 निवासी कारोबारी राजेंद्र कामरा (61) और उनकी पत्नी विन्नी (58) और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी साली अंजू की मौत हो गई।
अंसल निवासी मृतक राजेंद्र कामरा के भांजे प्रदीप ने बताया कि उनके मामा की नूरवाला में कंबल फैक्टरी है। उनके दो बच्चे हैं। बड़े बेटे दुष्यंत की तीन साल पहले शादी हुई थी और वह पिता के साथ फैक्टरी संभालते हैं। वहीं बेटी याशिमा चंडीगढ़ की एक कंपनी में मैनेजर हैं। उनके साले महेंद्र निवासी फरीदपुर, करनाल कैंसर से पीड़ित थे और 22 सितंबर को लंबी बीमारी के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। हरिद्वार हाईवे पर तितावी के पास हुए हादसे में राजेंद्र, उनकी पत्नी विन्नी, साली अंजू, साले की पत्नी मोहिनी, बेटे पीयूष और टैक्सी चालक शिव की मौत हो गई।
धार्मिक कार्यक्रमों में थी रुचि
पड़ोसी राजकुमार ने बताया कि विन्नी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। कॉलोनी में जब भी कोई धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम होता था तो वह उसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। यही नहीं घर पर आने वाले व्यक्तियों का भी सम्मान करती थीं। इस कारण कॉलोनी के लोग भी उनका बड़ा सम्मान करते थे।
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नवरात्र में रख दी अस्थियां
परिजनों ने बताया कि 22 सितंबर को महेंद्र जुनेजा की मृत्यु हुई थी। उसी दिन नवरात्र शुरू हो गए थे। इस कारण परिजनों ने उनकी अस्थियां एकत्र कर रखवा दी थी। बुधवार को नवमी होने के कारण परिजन उनका 10वां करने के लिए हरिद्वार जा रहे थे। इसके लिए परिवार के छह सदस्य हरिद्वार जा रहे थे। खुद की कार होने के बावजूद राजेंद्र ने टैक्सी बुक करने को कहा था क्योंकि वह चाहते थे कि सभी एक साथ कार में जाएं।
पीयूष संभाल रहे थे पिता की दुकान
फरीदपुर निवासी महेंद्र जुनेजा की पानीपत में बरसत रोड पर पेट्रोल पंप के सामने हार्डवेयर की दुकान है। पड़ोसी दुकानदार सुमित ने बताया कि करीब तीन साल से दुकान को उनके बेटे पीयूष संभाल रहे थे। पिता की मौत के बाद तीन दिन तक दुकान बंद रही थी लेकिन तीन-चार दिन से कुछ घंटे के लिए दुकान खोलते थे। सुमित ने कहा कि जब से उन्हें हादसे की जानकारी मिली वह सदमे में हैं। उन्हें अभी तक हादसे पर यकीन नहीं हो रहा है।
जीटी रोड स्थित अस्पताल में मौजूद घायल के परिजन। संवाद
जीटी रोड स्थित अस्पताल में मौजूद घायल के परिजन। संवाद
जीटी रोड स्थित अस्पताल में मौजूद घायल के परिजन। संवाद