पानीपत। यूक्रेन से लौटे छात्र विनीत जागलान अपने घर में अपने पिता व मां के साथ।
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इसराना। यूक्रेन में जहां भारतीय विद्यार्थियों को बसों और ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया जा रहा, सिर्फ यूकेनियों को ही बैठाया जा रहा है वहीं इसराना निवासी विनीत चकमा देने में कामयाब रहे। खुद को एक यूक्रेनी दिखाते हुए वह बस में चढ़ गए और रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे। वहां से एयर इंडिया की फ्लाइट लेकर देश आ गए हैं। उनके आने से माता-पिता खुश हैं।
यूक्रेन से लौटे एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र विनीत जागलान को देख पिता महेंद्र और मां भावुक हो उठे। बेटे को गले लगाकर खूब रोये। विनीत ने मां को बताया कि वह इतनी परेशान थीं कि खाने-पीने तक की सुध नहीं थी।
विनीत ने बताया कि यूक्रेन के विद्यार्थियों की बस में सवार होकर बॉर्डर पार किया। वहां भूख से विद्यार्थियों के हाल बेहाल हैं। यूक्रेन की सेनाएं भी विद्यार्थियों के साथ मारपीट कर रही है। रोमानिया बार्डर पहुंचने पर उनके दल को यूक्रेन की सेना ने रोक लिया और भारतीय विद्यार्थियों को बस में नहीं चढ़ने दिया गया। इस दौरान सेना का ध्यान उन पर नहीं होने के दौरान वह यूक्रेनी विद्यार्थियों की बस में चढ़ने में कामयाब हो गए। ऐसा प्रतीत कराया कि वह यूक्रेनी हैं। रोमानिया से एयर इंडिया की फ्लाइट लेकर भारत पहुंचे।
माइनस तापमान में बिना कंबल गुजारी रात
यूक्रेन से निकलने के लिए 24-24 घंटे छात्रों को खुले आसमान के नीचे माइनस तापमान में बिना कंबल के रात गुजारनी पड़ रही है। छात्रों के साथ सैनिक धक्कामुक्की कर रहे हैं। हवाई फायर किए जा रहे हैं। समय पर खाना नहीं मिल रहा।