सनौली। पत्थरगढ़ गांव के पास बाढ़ बचाओ प्रबंधन के तहत यमुना तटबंध को मजबूत करने को लेकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पौने दो किमी के तटबंध पर लाइनिंग का काम चल रहा है। जिसमें ठेकेदार द्वारा पहले मिट्टी को समतल करके रेत, बजरी व सिमेंट और उसके ऊपर दो लेयर ईंटों की लगाई जा रही है। लाइनिंग के इस काम में करीब 15 लाख ईंटें लगने का अनुमान है। वहीं पत्थरगढ़ गांव के सरपंच सालिम अहमद के नेतृत्व में वीरवार को सुबह ग्रामीणों ने तटबंध पर लगाई जा रही ईंटों को निम्न क्वालिटी की बतलाते हुए रोष प्रदर्शन किया।
सरपंच सालिम अहमद, ग्रामीण कौसर, श्मशाद, महबूब, आयुब, नवाब, कुर्बान व साजिद ने बताया कि तटबंध पर लाइनिंग का काम कर रहा ठेकेदार यूपी से लाई गई ईंटों से लाइनिंग कर रहा है। यूपी की ईंटें पानीपत की ईंटों के मुकाबले हल्की है। वहां की ईंटें आकार और वजन में भी कम है और आरोप है कि उनकी क्वालिटी भी निम्न स्तर की है। हालांकि ग्रामीणों ने इसको लेकर पहले भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया था लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
सरपंच ने कहा कि इसको लेकर वे समालखा विधायक मनमोहन भडाना व मुख्यमंत्री सहित विभाग के उच्च अधिकारियों से भी मिलेंगे और तटबंध को मजबूत करने को लेकर अच्छी क्वालिटी का मेटिरियल लगाने की मांग करेंगे।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ व जेई ने लाइनिंग के कार्य का निरीक्षण
सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश कुमार व जेई मोहित ने बताया कि उन्होंने ईंटों की क्वालिटी की जांच की है और प्रथम दृष्टि में अच्छी क्वालिटी की ईंट लगाई जा रही है। तटबंध को मजबूत करने को लेकर की जा रही लाइनिंग के कार्य में गुणवत्ता से कोई भी समझौता नहीं होगा। सरकार व विभाग के नियमानुसार अच्छी से अच्छी क्वालिटी के मैटेरियल का प्रयोग किया जाएगा। वहीं ठेकेदार के मुंशी संजय ने कहा कि सरकार व विभाग के अनुसार ही काम किया जा रहा है और ईंटों को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार है। जब उन्होने यहां पर काम शुरू किया तो सरपंच ने अपने माध्यम से ठेकेदार को ईंट दिलवाने की बात कही गई थी पर ठेकेदार ने उनके माध्यम से ईंट नही खरीदी तो इस तरह के आरोप लगाए जा रहे है।