मतलौडा। रेरकलां गांव के राजकीय स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान हनुमान चालीसा पाठ पर रोक लगाने से ग्रामीण भड़क गए। मंगलवार को ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई। जिसमें एक अध्यापक और पूर्व सरपंच पर हनुमान चालीसा का पाठ बंद कराने के आरोप लगाए। यही नहीं शिक्षक पर खुद का धर्म परिवर्तन करने और लोगों का भी धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए। तीन घंटे तक चली पंचायत के बाद सरपंच ने स्कूल में बुधवार को प्रार्थना सभा में हनुमान चालीसा का पाठ कराने का निर्णय लिया। जिसका ग्रामीणों ने समर्थन किया।
रेरकलां गांव के राजकीय स्कूल में हर मंगलवार को प्रार्थना सभा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ होता था। एक माह पहले एक अतिथि शिक्षक ने एतराज जताते हुए हनुमान चालीसा पाठ नहीं करने की सलाह दी थी। यह मामला 15 अगस्त को गांव के राजकीय स्कूल में हुए कार्यक्रम के दौरान भी उठा था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पूर्व सरपंच ने हनुमान चालीसा का पाठ करने पर रोक लगा दी थी। इसका ग्रामीणों और छात्रों ने विरोध किया था। लेकिन उस समय मामले को दबा दिया गया था। अब एक बार फिर यह मामला तूल पकड़ गया। ग्रामीणों ने शिक्षक पर ईसाई धर्म अपनाने और गांव में करीब 30-35 परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए। जिसे लेकर सोमवार को गांव में सरपंच सरदार हरदीप सिंह की अध्यक्षता में पंचायत हुई। तीन घंटे तक चली पंचायत में आरोपी शिक्षक ने सफाई दी और धर्म परिवर्तन की बात से इन्कार कर दिया।
गांव में आपसी भाईचारा कायम है। स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाएगा। शिक्षक ने धर्म परिवर्तन से इन्कार किया है। यदि उनके खिलाफ सबूत मिलेंगे तो कार्रवाई कराई जाएगी।
-सरदार हरदीप सिंह, सरपंच रेरकलां गांव