पानीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की शनिवार को आयोजित 10वीं की परीक्षा में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र योग्यता-आधारित पैटर्न पर आधारित रहा। रीडिंग सेक्शन में अनदेखे गद्यांश और पद्यांश ने परीक्षार्थियों की समझ क्षमता को परखा, जबकि राइटिंग सेक्शन में पत्र और अनुच्छेद लेखन के माध्यम से अभिव्यक्ति कौशल की जांच की गई। ग्रामर भाग संतुलित और पाठ्यक्रम आधारित रहा। अधिकांश विद्यार्थियों ने पेपर को मध्यम और स्कोरिंग बताया, हालांकि समय प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा।
जिले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं शांतिपूर्ण वातावरण में जारी हैं। शनिवार को जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 10वीं की अंग्रेजी विषय जबकि कक्षा 12वीं का फैशन स्टडीज और ऑटोमोटिव की परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। जिले में स्थित 72 सीबीएसई स्कूलों और 11 मॉडल संस्कृति स्कूलों के करीब 7600 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कक्षा 12वीं की परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या नाममात्र रही। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की गई। बोर्ड के निर्देशानुसार प्रत्येक 24 विद्यार्थियों पर दो निरीक्षक तैनात रहे तथा प्रत्येक केंद्र पर एक ऑब्जर्वर मौजूद रहा। नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता भी सक्रिय रहा।
पेपर को लेकर विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया-
रीडिंग सेक्शन थोड़ा लंबा था, लेकिन प्रश्न सीधे थे। राइटिंग टास्क सिलेबस के अनुसार आए। समय का सही विभाजन जरूरी था। कुल मिलाकर पेपर संतुलित और तैयारी के अनुरूप लगा। - छात्र आयुष।
अनदेखा गद्यांश समझने में थोड़ा समय लगा, लेकिन प्रश्न स्पष्ट थे। पत्र लेखन आसान रहा। ग्रामर सेक्शन स्कोरिंग था। नियमित अभ्यास करने वालों के लिए पेपर कठिन नहीं था।
- छात्रा दिव्या।
राइटिंग सेक्शन में टॉपिक परिचित थे। स्टेप-बाय-स्टेप उत्तर लिखने से लाभ मिला। रीडिंग में सावधानी जरूरी थी। ओवरऑल पेपर अच्छा और संतुलित लगा।
- छात्रा नरगिस।
ग्रामर के प्रश्न सीधे थे। साहित्य खंड से पूछे गए प्रश्न पाठ्यक्रम आधारित थे। समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, पर पेपर अपेक्षा के अनुरूप रहा।
- छात्रा प्रियंका।
केस-आधारित प्रश्न सोचने पर मजबूर करने वाले थे। लेखन कार्य में शब्द सीमा का ध्यान रखना पड़ा। तैयारी अच्छी हो तो पेपर स्कोरिंग साबित हो सकता है।
- छात्रा उमंग।
रीडिंग और राइटिंग दोनों संतुलित रहे। साहित्य खंड में सीधे प्रश्न आए। नियमित सैंपल पेपर हल करने से काफी मदद मिली। कुल मिलाकर पेपर संतोषजनक रहा।
- छात्रा जिया।
अंग्रेजी शिक्षकों की प्रतिक्रिया
प्रश्नपत्र नई शिक्षा नीति और कॉम्पिटेंसी-बेस्ड पैटर्न के अनुरूप रहा। रटने की बजाय भाषा की समझ, अभिव्यक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता पर जोर दिया गया। रीडिंग और राइटिंग सेक्शन संतुलित थे। जिन विद्यार्थियों ने एनसीईआरटी और सैंपल पेपर का अभ्यास किया। उनके लिए यह पेपर स्कोरिंग सिद्ध होगा।
- मीनू कुंडू, पीजीटी अंग्रेजी, आर्य बाल भारती स्कूल।
आर्य वमा विद्यालय में सीबीएसई परीक्षा के बाद छात्राओं के खिलखिलाते चेहरे।
आर्य वमा विद्यालय में सीबीएसई परीक्षा के बाद छात्राओं के खिलखिलाते चेहरे।
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