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उग्रा खेड़ी में बिना अनुमति के लगा बैनर, मामला गरमाया, 150 को नोटिस

Tue, 31 Jan 2017 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो।
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पानीपत। उग्रा खेड़ी में जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरना तेज होता जा रहा है। मंगलवार को समाज के लोगों ने प्रशासन की मनाही के बावजूद धरनास्थल पर बैनर लगा लिया। इसके बाद तहसीलदार और समाज के लोग में बैनर हटाने की बात पर गर्मागर्मी हो गई। इसके बाद प्रशासन ने इस मामले में करीब 150 लोगों को नोटिस थमा दिया। चेतावनी दी कि यदि किसी तरह का नुकसान हुआ तो भरपाई उनसे की जाएगी। ग्रामीणों और समाज के लोगों में प्रशासन के नोटिस से रोष है। लोगों ने महिलाओं के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। बुधवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के धरनास्थल पर आने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस के साथ खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया है।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर उग्रा खेड़ी में चल रहे धरने का मंगलवार को तीसरा दिन रहा। धरनारत लोगों ने सुबह ही धरने का बैनर लगा दिया। तहसीलदार पानीपत जिवेंद्र मलिक सूचना पर तुरंत धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों से अनुमति न होने पर बैनर उतारने के लिए कहा। इस पर धरनारत लोग खड़े हो गए और बैनर नहीं उतारने का ऐलान कर दिया। बैनर उतारने को लेकर तहसीलदार और धरनारत लोगों में करीब 15 मिनट तक बहस हुई। सूचना पर थाना चांदनी बाग प्रभारी जसपाल सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। इस दौरान तहसीलदार ने समिति के सदस्यों से बैनर की अनुमति प्रशासन से लेने की बात कही। दूसरी तरफ, प्रशासन ने जिले के दर्जनों गांवों में 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेज दिए। नोटिस देने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रही। सूत्रों की माने तो करीब 300 लोगों के नाम नोटिस जारी होंगे। होने की संभावना है।
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प्रशासन और पुलिस फूंक-फूंककर रख रहे कदम
प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी बहुत सावधानी से कदम उठा रहे हैं। सनौली-हरिद्वारा मार्ग पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बन तैनात है। बुधवार को होने वाले धरने के लिए प्रशासन गंभीर है। बताया जा रहा है कि एक फरवरी को सर छोटूराम की जयंती है। इस दौरान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी उग्रा खेड़ी धरना स्थल को संबोधित करने आएंगे। माना जा रहा है कि जिले से करीब 80 से 100 गांवों के लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए सनौली-हरिद्वार मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात हो सकता है।

‘अधिकार पाने को लेकर डरने की जरूरत नहीं’
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप दहिया ने कहा कि लोगों को अधिकारों को पाने के लिए किसी से डरने की जरूरत नहीं है। प्रशासन उन पर धरना न देने का दबाव बना रहा है। वे आरक्षण लेकर ही रहेंगे। अब आरक्षण सहित कई अन्य मांगों को पूरी करवाकर ही दम लेंगे। इस दौरान संघर्ष समिति के जिला प्रधान सतबीर सिंह देशवाल, किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष और उग्रा खेड़ी के पूर्व सरपंच बिट्टू मलिक, दीपक खटकड़, सुरेश मच्छरौली, रणबीर गुलिया बुड़शाम भी मौजूद रहे।


प्रशासन ने संपत्ति का ब्योरा मांगा
प्रशासन ने गांव कवि निवासी रसीद, अदियाना निवासी प्रताप दहिया, उनके पिता मास्टर जयसिंह, करहंस निवासी सुरेश, रणबीर नैन, मतलौडा निवासी सुरेंद्र मलिक और गांव बुड़शाम निवासी चतुर्भुज सहित 150 लोगों के नाम नोटिस भेजे हैं। इसमें चेतावनी दी है कि धरना-प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की निजी, सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है तो उस की भरपाई उनकी व्यक्तिगत चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर की जाएगी। कहा है कि अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में जमा करने की व्यवस्था करें।  अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य सुरेंद्र मलिक ने कहा कि प्रशासन के नोटिसों का कोई औचित्य नहीं है। प्रशासन ने जाट समाज के लोगों को उकसाने का काम किया है। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को गलत बताया है।

सफीदों रोड बेल्ट से अधिक लोग आए
धरने में असंध रोड, साथ लगते गांवों और आसपास के क्षेत्रों के लोग अधिक संख्या में पहुंचे। गांव कवी, जोशी, नारा, भालसी और मतलौडा से कैंटरों में भरकर जाट समाज के लोग पहुंचे।  
नोटिस को ‘हाऊ’ बताया
नोटिस मिलने वालों में समिति के सदस्य रणवीर नैन ने नोटिस की तुलना ‘हाऊ’ से की। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों को डराना चाहता है। लेकिन, अधिकारी जान लें कि अब जाट समाज की आवाज अब नहीं दबेगी। उनके पास मंगलवार की रात 10 बजे के करीब पुलिस नोटिस लेकर आई है। नोटिस देने है तो धरना स्थल पर आएं। इसी प्रकार गांव बुड़शाम निवासी चतुर्भुज को भी रात 10.30 बजे के करीब नोटिस मिला। उन्होंने नोटिस लेने से मना किया तो उनके घर की दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। उसकी फोटो भी ले ली गई।


हंसी से गूंजा धरनास्थल
राष्ट्रपति से सम्मानित हास्यकलाकार दरियाव सिंह मलिक व एडवोकेट रणदीप घनघस ने चुटकलों से धरनास्थल पर मौजूद लोगों को जमकर हंसाया। दरियाव मलिक का चुटकला खत्म हुआ तो एडवोकेट रणदीप के शुरू हो गए। जाट समाज के लोगों ने चुटकलों का जमकर लुत्फ उठाया। बता दें कि 79 दरियाव सिंह मलिक हिंदुस्तान के पहले हरियाणवी हास्य कलाकार हैं। उन्होंने 19 फिल्मों में काम किया है।
हमारा समर्थन जाटों के साथ : नवाब
जाट समाज के धरने में शामिल हुए गांव नवादा आर के सरपंच नवाब अली ने जाट समाज को अपने गांव की तरफ से खुला समर्थन देने की घोषण की। कहा कि बुधवार से उनकी बिरादरी के लोग भी जाट समाज के धरने में भाग लेंगे।
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उग्रा खेड़ी में सुबह धरनास्थल पर बिना अनुमति के बैनर लगाने की सूचना मिली थी। मैं मौके पर पहुंचा था। जाट समाज के लोगों से बैनर हटाने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माने। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।
जिवेंद्र मलिक, तहसीलदार पानीपत।
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