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Panipat News: ट्रेनों में चेन पुलिंग की रोजाना दो से तीन घटनाएं, पकड़े जाने पर की जाती है कार्रवाई

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पानीपत। ट्रेनों में चेन पुलिंग की रोजाना औसतन दो से तीन मामले आ रहे हैं। यात्री बिना किसी आपात स्थिति के चेन खींच देते हैं। इससे न केवल ट्रेन की गति प्रभावित होती है बल्कि पूरे रेल संचालन पर भी इसका असर पड़ता है। यह लापरवाही यात्रियों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। कई यात्री जल्दबाजी या अपने परिचितों को चढ़ाने-उतारने के लिए चेन पुलिंग कर देते हैं। जबकि चेन पुलिंग केवल आपातकालीन परिस्थितियों जैसे किसी यात्री की तबीयत खराब होना, दुर्घटना की आशंका या अन्य गंभीर स्थिति में ही की जानी चाहिए। नियमों की अनदेखी करते हुए लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
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चेन पुलिंग के कारण ट्रेन को बीच रास्ते में रोकना पड़ता है जिससे उसके निर्धारित समय में देरी हो जाती है। इसका असर अन्य ट्रेनों पर भी पड़ता है, क्योंकि एक ट्रेन के रुकने से पीछे आने वाली ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो जाती है, इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता है।

चेन पुलिंग की हर घटना की जांच की जाती है। ट्रेन रुकने के बाद गार्ड और ड्राइवर कारण का पता लगाते हैं और यदि मामला गैर-जरूरी पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, ऐसे मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इस धारा के अंतर्गत बिना उचित कारण चेन खींचने पर जुर्माना या कारावास और दोनों सजा दी जा सकती है।
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चेन पुलिंग के गलत इस्तेमाल की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जाती है। ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर आरपीएफ की टीम तैनात रहती है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। कई मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। चेन पुलिंग यात्रियों की सुविधा के लिए है न की गलत इस्तेमाल के लिए। चेन पुलिंग का प्रयोग केवल आपात स्थिति में ही करना चाहिए।
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-दिनेश कुमार मीना, थाना प्रभारी आरपीएफ।
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