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सौ में से दो छात्र ही लेकर आए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, नहीं लगी कक्षा

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two students brought greetings - फोटो : Panipat
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कोरोना महामारी के बाद पूरे 11 महीने बाद 6वीं से लेकर 8वीं तक के बच्चों के स्कूल खुले है। घर से बच्चे बहुत ही खुश होकर स्कूल के लिए 11 महीने बाद निकले थे लेकिन सरकार की नई गाइडलाइन के तहत बच्चे क्लास नहीं लगा पाए है।तहसील कैंप के सरकारी स्कूल में 100 से ज्यादा बच्चें स्कूल पहुंचे जिसमें 2 बच्चों के पास ही मेडिकल सर्टिफिकेट था जिसके बाद बचे हुए 98 बच्चों को वापिस घर जाना पड़ा वहीं तहसील कैंप की प्रधानाचार्य का कहना है कि स्कूल में ही मेडिकल चेकअप की टीम को भेजा जाना चाहिए जिससे उनका स्कूल में आसानी से चैकअप किया जा सके। सरकार की बनाई हुई नई गाइडलाइन में उनके पास मेडिकल सर्टिफिकेट होना जरूरी है जिसके बाद बच्चों के चेहरे उतरे हुए नजर आए।
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मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जिले के सैकड़ों छात्र अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के बाद अस्पताल में लाइन में लगे पाए। आधे से ज्यादा छात्र ज्ञान की कमी के कारण अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग के लिए लाईनों में लगे पाए हालांकि गाईडलाइन में केवल मेडिकल सर्टिफिकेट ही मांगा गया है जिसमें उनकों बुखार व खांसी जैसी कोई लक्षण ना हो और बच्चा पूरी तरह स्वस्थय हो।
कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए सोमवार सुबह 10 से 1:30 बजे तक कक्षाओं का पढ़ाया गया । सोमवार से सरकार ने 6 से 8 तक की कक्षाएं लगाने का आदेश जारी किया। जिसके बाद सोमवार को कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे भी स्कूल पहुंचे।
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