माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। चुलकाना के चर्चित सोमपाल उर्फ लीला हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अदालत ने शामली के रसूलपुर गुजरान निवासी शूटर दयानंद और अनिल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, आरोपियों को पनाह देने के दोषी सोनीपत के कुराड़ निवासी सुरेंद्र को सात साल के कारावास की सजा दी गई।
अदालत ने आरोपी प्रवीन उर्फ नाथ को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। मामले के दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
मंदिर के पास हुई थी हत्या : घटना 26 जुलाई 2018 की रात करीब 10 बजे की है। चुलकाना निवासी सोमपाल उर्फ लीला मंदिर परिसर के पास टहल रहे थे। इसी दौरान रंजिश के चलते हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। सतबीर की शिकायत पर समालखा थाना पुलिस ने इसकी प्राथमिकी दर्ज की थी।
शिकायत में रंजिश का जिक्र किया गया था। पुलिस जांच के दौरान गैंगस्टर ऋषि और उसके साथियों समेत आठ आरोपियों को मामले में शामिल किया गया। इनमें ऋषि चुलकाना, नीरज उर्फ रोकी और जितेंद्र की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि प्रदीप फरार चल रहा है।
डिजिटल व वैज्ञानिक साक्ष्यों ने निभाई अहम भूमिका
पुलिस और एफएसएल की टीम ने इस मामले में डिजिटल व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे। ये सब इस मामले में निर्णायक साबित रहे। गैंगस्टर ऋषि ने वारदात से ठीक पहले श्याम बाबा मंदिर में माथा टेका था। उसने बाद में गोली चलाई थी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। अदालत में सीसीटीवी फुटेज, बैलिस्टिक-फॉरेंसिक रिपोर्ट और शिकायतकर्ता की मजबूत गवाही रही। इसी के आधार पर कोर्ट ने दो शूटरों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुनाया।