जमानत पर बाहर आए दोनों कैदी सुबह और दोपहर के समय चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। इनमें से एक कैदी को अपहरण के मामले में उम्र कैद और दूसरे को तीन अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई थी।
पानीपत में सीआईए-2 की टीम ने दो सजायाफ्ता कैदियों को गिरफ्तार किया है। ये कैदी उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर आए थे। उन्होंने बाहर आकर लूट और चोरी की 38 वारदातों को अंजाम दिया।
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पहले भी कई गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। एक आरोपी को अपहरण के मामले में उम्र कैद की सजा हो चुकी है। दूसरे आरोपी को अदालत तीन अन्य मामलों में सजा सुना चुकी है। सीआईए-2 की टीम ने दोनों के कब्जे से कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस अब वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुई कई चोरी और झपटमारी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
गिरोह का तरीका
गिरफ्तार कैदियों ने जमानत पर बाहर आते ही अपराध करना शुरू कर दिया था। वे मुख्य रूप से चोरी और झपटमारी की वारदातें करते थे। सुबह और दोपहर का समय उनकी वारदात के लिए मुफीद होता था। वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यापारियों और ग्राहकों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से इन वारदातों को अंजाम दिया।