स्वास्थ्य विभाग के लिए कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस भी बड़ी चुनौती बन चुका है। पिछले 17 दिन में जिले में ब्लैक फंगस के 50 संदिग्ध रोगी मिल चुके हैं। इनमें से 12 रोगी ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि तीन संदिग्ध रोगियों की मौत भी हो चुकी है। शुक्रवार को ब्लैक फंगस के दो और संदिग्ध रोगी मिले। इन्हें भी खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
अब सिविल अस्पताल में ब्लैक फंगस के रोगियों की ओपीडी 35 से 40 मरीजों अधिक पहुंच चुकी है। ब्लैक फंगस के अधिकतर संदिग्ध रोगियों की उम्र 50 साल से अधिक है। अब तक 90 प्रतिशत वो रोगी मिले हैं, पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और स्टेरॉयड का सेवन कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक ब्लैक फंगस के तीन केस को कंफर्म बताया है। अब भी तीनों मौत की जांच चल रही है। खानपुर मेडिकल कॉलेज से रोगियों का डाटा नहीं मिल रहा है इसलिए विभाग के पास ब्लैक फंगस के रोगियों की पूरी जानकारी भी नहीं है।
कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस बड़ी चुनौती: डॉ. शिवांजलि
सिविल अस्पताल की ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. शिवांजलि ने बताया कि कोरोना के साथ ही ब्लैक फंगस भी बड़ी चुनौती बन चुका है। आए दिन संदिग्ध रोगी मिल रहे हैं। इन्हें खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। अब काफी युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि लक्षण मिलते ही जांच कराएं। देरी बिल्कुल न करें।