पानीपत। जिले के 707183 लोगों का चिरायु योजना के तहत गोल्डन कार्ड बन चुका है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब भी लगभग दो लाख लोगों का गोल्डन कार्ड बनना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना के अंतर्गत आने वाले पात्रों के लिए एक लिंक भी जारी किया है। इस लिंक से घर बैठे कार्ड बनाया जा सकता है।
जिले के 105 निजी व सरकारी स्वास्थ्य केंद्र इस योजना के पैनल पर आ चुके हैं। अब तक 105 अस्पतालों में 90 हजार लोग 135 करोड़ का इलाज करवा चुके हैं। इस योजना के तहत 600 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। इन अस्पतालों के सरकार की ओर 80 करोड़ रुपये बकाया है।
इसलिए निजी अस्पतालों में सरकार के खिलाफ रोष भी बना हुआ है। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों ने भी लगभग आठ हजार मरीजों को पांच करोड़ का इलाज दिया है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की पेमेंट भी अब तक बकाया है।
आयुष्मान मित्राें काे आज भी मानदेय पांच हजार : आयुष्मान याेजना में ताे हर साल विस्तार हाेता आ रहा है लेकिन इस याेजना में कड़ी का काम करने वाले आयुष्मान मित्र का आज तक मानदेय नहीं बढ़ा है। आयुष्मान मित्र नया आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर मरीज के इलाज का पैसा क्लेम कराने तक का कार्य करता है। इसके बावजूद सरकार ने आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया है। पानीपत में आयुष्मान मित्र आज भी पांच हजार रुपये में काम कर रहे हैं।
सरकार निजी अस्पतालों की पेमेंट करें : डॉ. दलीप : आईएमए के प्रधान डॉ. दलीप ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि सरकार की यह योजना बेहद कारगर है। इससे गरीबों को बेहद लाभ हुआ है। निजी अस्पतालों ने इस योजना का कामयाब करने के लिए सरकार का पूरा साथ दिया है लेकिन सरकार को भी निजी अस्पतालों की पेमेंट करनी चाहिए।