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Panipat News: नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दो मामले

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पानीपत। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की फास्ट ट्रैक अदालत ने दो नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को 20-20 वर्ष का कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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जिला उपन्यायवादी मुकेश रंगा ने बताया कि सेक्टर-29 थाना क्षेत्र की एक काॅलोनी 11 सितंबर को छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की शिकायत मिली थी। बच्ची के पिता का आरोप है कि घटना वाले दिन उसकी बेटी रोती हुई घर आई तो उसने कारण पूछा। उसने बताया कि वह मंदिर में लगे भंडारे में प्रसाद लेने गई थी। रोहतक जिले के चमारिया गांव के कप्तान ने फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने मामले में 24 गवाहों की सुनवाई के बाद कप्तान को दोषी करार देते हुअ उसे 20 साल के कारावास और व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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घर बुला किया दुराचार
जिला उप न्यायवादी मुकेश रंगा ने बताया कि एक अन्य मामले में समालखा थाना क्षेत्र के एक गांव में मई 2022 को चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। मां ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी दोपहर के समय मकान के बाहर गली में खेल रही थी। पड़ोसी जितेंद्र उसकी बेटी को बहकाकर अपने घर ले गया। वह काफी देर तक वापस नहीं आई तो वह ढूंढते हुए जितेंद्र के घर पहुंची। उनकी बेटी खून से लथपथ मिली। उसकी बेटी ने बताया कि जितेंद्र ने उसके साथ गलत काम किया है। वह उसे अस्पताल ले गई। समालखा थाना ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने इस मामले में 14 गवाहों को सुना। गवाही और एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर जितेंद्र को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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