समालखा। आट्टा गांव में बुधवार तड़के करीब तीन बजे जितेंद्र उर्फ मोनी के पशुबाड़े में आग लगने से दो भैंस जिंदा जल गई। वहीं एक की हालत नाजुक है। आग की लपटें देखकर गांव में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
पशुपालन विभाग की टीम ने आग में झुलसी भैंस का उपचार किया। आट्टा गांव के जितेंद्र उर्फ मोनी ने बताया कि वह मंगलवार रात को पशुबाड़े में तीन भैंसों को चारा देकर छत का पंखा चलाकर घर चला गया था। बुधवार सुबह तीन बजे गांव के कुछ लोगों ने उनको सूचना दी कि पशुबाड़े में आग लगी है। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा तो पशुबाड़े में आग लगी थी। जिसको लेकर आनन-फानन पड़ोसियों की मदद से दो सबमर्सिबल पंप चलाकर पानी की पाइप व बाल्टियों के सहारे आग पर काबू पाया।
लेकिन तब तक उसकी दो भैंस जिंदा जलकर मर गईं। वहीं तीसरी भैंस भी गंभीर रूप से झुलस गई। पशु पालन विभाग की टीम भैंस का उपचार कर रही है।
सब डिवीजन पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. शैलेश ने बताया कि मौके पर टीम को भेजकर झुलसी हालत में भैंस का उपचार किया जा रहा है। संवाद