संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। जैन मुनि उपेंद्र ने कहा कि सच्चे प्रेम का आधार विश्वास और ईमानदारी है। लोगों को हर किसी के साथ इन सब विचारों के साथ रहना चाहिए। उन्होंने ये बात नई अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में आयोजित धर्म सभा में कहीं। उन्होंने कहा कि प्रेम एक आदर्श विचार है, इसमें कोई कपट नहीं होता यह सच्चा और निस्वार्थ प्रेम की भावना को दर्शाता है। जहां विश्वास, ईमानदारी और त्याग मुख्य होते हैं। इसका अर्थ है कि सच्चे प्रेम में धोखा, छल या स्वार्थ की कोई जगह नहीं होती। सच्चे प्रेम का आधार विश्वास और ईमानदारी होती है। जिसमें कोई कपट या झूठ नहीं होता। जब प्रेम में स्वार्थ या कपट का अंश आ जाता है, तो प्रेम घटने लगता है। नि:स्वार्थ प्रेम ही दिन-दिन बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि रहित प्रेम एक धार्मिक अवधारणा भी है। जिसमें प्रेम करने वाले को कपट से दूर रहने और भलाई से बुराई को जीतने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह साढे सात बजे पुरानी जैन स्थानक से कलश शोभायात्रा शुरू होगी जो बैंड बाजे के साथ काठ मंडी, पुराना थाना रोड, जीटी रोड, अनाज मंडी स्थित नई जैन स्थानक पर पहुंचेगी। उसके बाद वैश्य कन्या महाविद्यालय में नवकार दरबार अनावरण, नवकार मंत्र अनावरण के उपरांत सुबह नौ बजे प्रवचन होगे। मौके पर प्रधान वीर प्रकाश जैन, पवन जैन, जैनेंद्र जैन व अमित जैन मौजूद रहे।