पानीपत। जिले में सड़क हादसों की संख्या में इस बार वृद्धि हुई है। सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा किए गए तमाम प्रयास के बावजूद वाहन चालकों की मनमानी लगातार जारी रही। हाईवे पर सबसे अधिक मनमानी ट्रक और कैंटर चालकों ने की है। एक साल में पुलिस ने गलत लेन में वाहन दौड़ाने वाले 15,279 वाहनों के चालान किए हैं। इसमें सबसे अधिक 6992 कैंटर चालक और दूसरे नंबर पर 5814 ट्रक चालक हैं। पुलिस ने 17 वाहन चालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
पानीपत जिले से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। जिनमें जीटी रोड नेशनल हाईवे 344 सबसे प्रमुख है। वहीं रोहतक बाइपास और पानीपत-खटीमा हाइवे भी शामिल हैं। यही कारण है कि पानीपत जिले में आस-पास के सभी जिलों से अधिक सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। पानीपत में अभी तक 326 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। हाईवे पर हादसों का सबसे बड़ा कारण भारी वाहन रहे हैं। यातायात पुलिस ने एक साल में अभियान चलाकर गलत लेन में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। पूरे साल में 15 हजार 279 वाहनों के चालान किए है। इसमें 5814 ट्रक, 6992 कैंटर, 1574 बस, 11 डंपर, 888 अन्य वाहन शामिल हैं। इनमें से 17 वाहन चालकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 285 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर अधिकतर दुर्घटनाएं गलत लेन पर चलने वाले भारी वाहनों की वजह से होती हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारी वाहनों के हाईवे पर चलने के लिए बाई लेन निर्धारित की गई है। भारी वाहन अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में चल रहे हैं।
वर्जन
गलत लेन में वाहन चलाने वाले भारी वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया है। जिससे हादसों की संख्या में कमी लाई जा सके।
भूपेंद्र सिंह, एसपी पानीपत।