पानीपत। विजय नगर में दो बहनों के इकलौते भाई ने भैया दूज के दिन फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। वह अपनी पत्नी के मायके जाने से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। रविवार सुबह भाई दूज पर टीका करने आई चचेरी बहन को उसका शव पंखे पर फंदे से लटका मिला। तहसील कैंप थाना पुलिस ने शव जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है।
विजय नगर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसका भतीजा अरुण (25) दो बहनों का इकलौता भाई था। अरुण का पिता अनिल ई-रिक्शा चलाता है। अरुण डेंटिंग-पेटिंग का काम करता था। उन्होंने अप्रैल में अरुण की शादी जींद की लक्ष्मी के साथ की थी। शादी के बाद से ही अरुण व लक्ष्मी में अक्सर झगड़ा रहता था। लक्ष्मी 20 अक्तूबर को झगड़े के बाद अपने मायके में चली गई थी। इससे अरुण बहुत परेशान रहता था। अनिल रविवार सुबह ई-रिक्शा लेकर काम पर चला गया। घर कोई नहीं था। उसकी बेटी रितिका ने भाई दूज पर टीका करने के लिए अरुण को कॉल की लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद रितिका घर गई, उसने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मकान के मुख्य गेट की अंदर की कुंडी लगी हुई थी। फिर वह पड़ोस के मकान से होते हुए अरुण के कमरे में गई तो यहां उसका शव पंखे पर चुन्नी के साथ फंदे पर लटका मिला। रितिका के शोर मचाने पर पड़ोसी एकत्रित हो गए और पुलिस को बुलाया गया।
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तहसील कैंप पुलिस थाना के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि आत्महत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव को फिलहाल शवगृह में रखवा दिया है। अब मामले की जांच की जा रही है।