माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने डॉ. ममता सैनी को वाहन दुर्घटना में लगी चोट के लिए 2.13 लाख रुपये का कुल मुआवजा दिलाया है।
ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। साक्ष्य के आधार पर, ट्रिब्यूनल ने पाया कि इस विकलांगता का उनके सरकारी कर्मचारी के रूप में आय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इसलिए भविष्य की कमाई के नुकसान के तहत कुछ भी प्रदान नहीं किया गया।
ट्रिब्यूनल ने पाया कि दुर्घटना ड्राइवर की लापरवाही से हुई थी। बीमा पॉलिसी की जांच करने पर, प्रतिवादी द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी ठहराया गया। दावाकर्ता दावा याचिका दायर करने की तारीख से लेकर वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज की भी हकदार हैं। याचिका के अनुसार, 6 जनवरी 2023 को सुबह लगभग 11:45 बजे बरोली गांव में स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर व दावाकर्ता डॉ. ममता सैनी दवाइयां लेने के लिए भूरेवाला गांव जा रही थीं।
जब वह मीरपुर मोड़ के पास पहुंचीं, तो चालक अभिषेक ने अपनी कार से उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। इस टक्कर से डॉ. सैनी सड़क पर गिर गईं और उन्हें दाहिने पैर में फ्रैक्चर सहित कई गंभीर चोट आईं। डॉ. सैनी को शुरू में सिविल अस्पताल नारायणगढ़ ले जाया गया, फिर उनकी गंभीर हालत के कारण उनके पति उन्हें अस्पताल, अंबाला छावनी ले गए।
इसके बाद, उन्हें दिल्ली के सीडी ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ। चोट के कारण, दावाकर्ता लगभग 45 दिनों की अवधि के लिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं। डॉक्टरों के एक बोर्ड ने दावाकर्ता की विकलांगता 10 प्रतिशत आंकी।