- आईएमए ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत क्लेम की राशि नहीं मिलने पर इलाज बंद रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के बैनर तले निजी अस्पताल संचालकों ने सोमवार को पांचवें दिन भी आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज बंद रखा। ऐसे में मरीजों काे इलाज के लिए चक्कर काटने पड़े। ऑपरेशन की तारीख लेने वाले मरीजों को इलाज में परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी कैंसर के मरीजों को हो रही है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक रही। मरीजों को ओपीडी में पूरा दिन खड़े होकर दवा मिल पाई।
निजी अस्पताल संचालक आयुष्मान योजना में क्लेम राशि न मिलने पर पिछले पांच दिन से इलाज बंद किए हुए हैं। मरीजों को सोमवार काे इलाज शुरू होने की उम्मीद नजर आ रही थी। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज न मिलने पर मरीज जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। ऐसे में ओपीडी में ही मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सोमवार को ओपीडी करीब 1800 तक पहुंच गई। ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए ही उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। नौल्था गांव के जयभगवान ने बताया कि उनको तीन दिन से बुखार है। वह सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचा। उनको पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर तक पहुंचने में एक घंटे का समय लग गया। इसके बाद दवा मिली।
निजी अस्पताल में ऑपरेशन नहीं होने पर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी आ रही है। महावटी गांव के हरेंद्र ने बताया कि उसकी रीढ में दर्द रहता है। डॉक्टर ने उनको ऑपरेशन के लिए 11 अगस्त की तारीख दी थी। अब उनका ऑपरेशन नहीं हाे रहा है। उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। मतलौडा की आरती ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वे अपने बेटे का इलाज करा रहे हैं। अब उनका इलाज नहीं किया जा रहा है। उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में इलाज बंद हैं। प्रदेश नेतृत्व को सरकार की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। मरीजों की परेशानी का जिम्मेदार विभाग है।
- डाॅ. जसबीर मलिक, प्रधान, आईएमए
जिला नागरिक अस्पताल के आपातकाल वार्ड में कोई बड़ा केस नहीं आया है। अस्पताल संचालकों को मरीजों के इलाज में सहयोग करना चाहिए।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ