ट्रांसपोर्टर 21 से 23 मई को तीन दिन चक्का जाम रखेंगे। यह सांकेतिक हड़ताल सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ाए गए ईसीसी टैक्स, बीएस-4 कॉमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के विरोध में किया जाएगा।
एआईएमटीसी (ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस) की वीरवार को पानीपत के सेक्टर 25 स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में इसका फैसला लिया। बैठक की अध्यक्षता एआईएमटीसी पानीपत के अध्यक्ष धर्मवीर मलिक ने की। एआईएमटीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन कुलतरण सिंह अटवाल, रोहित आहूजा (प्रधान डीटीए), अमृतपाल सिंह बक्शी राष्ट्रीय सचिव, गुलजीत सिंह सांगा व अजीत सिंह ओबेरॉय विशेष रूप बैठक में शामिल हुए।
ट्रांसपोर्टर ने सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ाए गए ईसीसी टैक्स, बीएस-4 कॉमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध व ट्रांसपोर्ट उद्योग पर बढ़ते आर्थिक दबाव को लेकर चिंता व्यक्त की। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने एकजुट होकर सरकार तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाने का फैसला लिया गया। सरकार ने ट्रांसपोर्टरों की जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम कर पूरे देश में ट्रांसपोर्ट उद्योग की आवाज बुलंद की जाएगी।
धर्मवीर मलिक ने कहा कि ट्रांसपोर्ट उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ट्रांसपोर्टरों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। ट्रांसपोर्टर अपनी मांगों के लिए एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेंगे। कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष रमेश मलिक ने ट्रांसपोर्टरों को कांग्रेस की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर संघर्ष और हर मुश्किल परिस्थिति में ट्रांसपोर्टरों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। इस अवसर पर मन्नू मलिक, बिल्लू जागलान, धीरेंद्र मलिक, रविंद्र कादियान, ब्रोकर एसोसिएशन पानीपत के प्रधान शेर सिंह, गुरुशरण सिंह बब्बू, सत्यवान शर्मा, संजय मान, सचिन जैन, मुकेश शर्मा, दीपेंद्र मलिक, जसपाल सिंह जस्सा, विजय शर्मा व विकास मौजूद रहे।