पानीपत। एलिवेटेड हाईवे के नीचे पार्किंग का ठेका देने और टोल को लेकर शहर के व्यापारी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। इसके अलावा प्रॉपर्टी आईडी और पीपीपी से लोगों को हाेने वाले परेशानियों को देखते हुए इसे हटाने या सरलीकरण करने की मांग उठाई है। व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार को चेताया और कहा कि अगर इनका समाधान नहीं हुआ तो वे आने वाले समय में इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
संयुक्त व्यापार मंडल समिति की बैठक बुधवार को संजय चौक स्थित एक होटल में की। इसमें बाजार प्रधानों ने व्यापारियों के साथ शहर के लोगों के सामने आने वाली मुख्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। बाजार प्रधानों ने टोल टैक्स के बाद अब पुल के नीचे लागू होने जा रहे पार्किंग शुल्क को गुंडा टैक्स तक करार देते हुए इसे हटाने की मांग की है। पालिका बाजार प्रधान कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि शहर को समभाग करते हुए जो पुल पानीपत में बनाया है, उसका टोल पानीपत वालों को बिना इस्तेमाल करते हुए भी देना पड़ता है। ये गुंडा टैक्स है। इस पुल का फायदा सिर्फ यह था कि इसके नीचे शहर के लोगों की गाड़ियों की पार्किंग हो जाती थी। इसके लिए अब फिर से पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा। शहर के व्यापारियों, जनता के लिए इसे बंद करना चाहिए। एक प्रयास संस्था ने टोल के नीचे पार्किंग की निशुल्क व्यवस्था कराने की पहल की थी, इसे जारी रखा जाना चाहिए।
समिति महासचिव विशाल वर्मा ने कहा कि शहर के लोगों पर प्रॉपर्टी आईडी और परिवार पहचान पत्र का बोझ थोपा गया है। इससे शहर के लोग काफी परेशान हैं। लोगों को दलालों से अपने काम करवाने पड़ते हैं। एक प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने के लिए 20 से 25 हजार रुपये की रिश्वत देनी पड़ती है।
समिति चेयरमैन अशोक सलूजा ने कहा कि शहर में कुछ ऐसी सड़कें भी हैं, जिनको मना करने के बाद भी लाखाें रुपये खर्च करके बनाया गया है। ये सड़कें एक दो महीना भी नहीं चलीं। प्रति सड़क 40 से 50 लाख रुपये का खर्च किया जा रहा है। यह पैसा शहरवासियों का है। गुड़मंडी, सलारगंज गेट से हलवाई हट्टा, अमर भवन चौक से कलंदर चौक तक, फिर सेठी चौक, कंबल मार्केट से जीटी रोड तक एक भी नाली नहीं बनाई गई।
संयुक्त व्यापार मंडल समिति के प्रधान राजेश सूरी ने कहा कि समिति सरकार और प्रशासन को चेताना चाहती है कि टोल के रूप में लिया जा रहा गुंडा टैक्स बंद हो। उन्होंने इसके लिए सभी नेताओं से भी अपील की। इसके अलावा पुल के नीचे वाले पार्किंग के गुंडा टैक्स को भी रद्द किया जाए। एलएंडटी की मनमानी पर रोक लगाई जाए। पुल के नीचे सार्वजनिक शौचालयों की सफाई कराई जाए। शहर में 1400 करोड़ के विकास कार्य करवाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन आज भी शहर में कुछ बाजार ऐसे हैं, जहां एक लाख रुपये का भी काम नहीं हुआ है।