अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मेयर साहब! नगर निगम सफाई व्यवस्था में हद दर्जे की लापरवाही बरत रहा है। इसके बाद भी स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग चाहता है। न तो शहर से कूड़ा उठा पा रहा है और न ही निंबरी स्थित डंपिंग स्टेशन की देखभाल कर पा रहा है। ऐसे में शहर में लोग कूड़े और डंपिंग स्टेशन से उठने वाली बदबू के चलते निंबरी गांव के ग्रामीण परेशान हैं। निगम इन सबके बीच हर माह लाखों रुपये सफाई के नाम पर खर्च कर रहा है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने वीरवार को स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की है। इसमें पानीपत को 335वां स्थान मिला है। अमर उजाला माई सिटी ने शुक्रवार को औद्योगिक नगरी को इतनी खराब रैंकिंग का कारण जाना। टीम को शहर में चारों तरफ गदंगी के ढेर मिले। सड़क किनारे कूड़ेदान रखे थे, लेकिन कूड़ा बाहर पड़ा था। टीम लोगों की लापरवाही देखकर भी हैरान रह गई। कुछ लोग बाहर ही कूड़ा डाल रहे थे। शहर के असंध रोड, जाटल रोड, नई सब्जी मंडी और जीटी रोड आदि स्थानों पर हालात चिंताजनक मिली।
डंपिंग स्टेशन पर नहीं व्यवस्थाएं
नगर निगम ने निंबरी गांव में करीब आठ एकड़ जमीन पर डंपिंग स्टेशन बनाया है। यहां पर हर रोज करीब 225 टन कूड़ा डालने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए करीब 200 कर्मी ठेके पर लगे हैं। निंबरी के ग्रामीण डंपिंग स्टेशन की देखभाल न करने का आरोप लगा रहे हैं। इस वजह से तीन दिन पहले कूड़े की ट्रॉलियों को वापस शहर भेज दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि डंपिंग स्टेशन पर कूड़ा डालकर उसमेें आग लगा दी जाती है। इससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। नगर निगम कमिश्नर वीना हुड्डा ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझाकर शांत किया था।
मानव अधिकार आयोग चेयरमैन बोले, चिंता का विषय
मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस एचएस भल्ला शुक्रवार को पानीपत में थे। अमर उजाला माई सिटी ने चेयरमैन से पानीपत का स्वच्छता सर्वेक्षण में 335वां नंबर आने की जानकारी दी। यह सुनकर वे हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छता के मामले में भी गंभीर हैं। शिकायत के आधार पर प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। शहर के लोग मानव अधिकार आयोग की वेबसाइट पर फोटो के साथ अपनी शिकायत नोट करा सकते हैं।
साफ-सफाई निगम अधिकारियों को करनी होती है। अधिकारियों से इस बारे में कई बार रिपोर्ट लेकर आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों का ध्यान सफाई पर नहीं है। निगम के कई अधिकारी तो कार्यालय से बाहर तक नहीं निकलते। इसको लेकर जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा।
सुरेश वर्मा, मेयर, पानीपत।