हनीट्रैप में एक पुलिसकर्मी और दो दुकानदारों को फंसकार 30 लाख रुपये लेने के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के जिला कोआर्डिटर एवं पूर्व प्रदेश सचिव सुनील बिंझौल को पुलिस ने रविवार को कोर्ट में पेश किया । पुलिस ने झारखंड से 30 लाख रुपये की बरामदगी, पूछताछ करने और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली की महिला की गिरफ्तारी के लिए आदालत से सुनील बिंझौल की 10 दिन का रिमांड मांगा, लेकिन कोर्ट ने पांच दिन का रिमांड ही मंजूरी किया। उधर, रविवार को कोर्ट में पहुंचे कांग्रेज नेताओं और परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पुलिस की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
पानीपत पुलिस ने सुनील बिंझौल को जेएमआइसी ज्योति ग्रोवर की अदालत में पेश किया। न्यायाधीश ने सुनील बिंझौल को लंगड़ाता देख कारण पूछा तो उसने बताया कि पुलिस ने उसे थर्ड डिग्री दी है। जिसके बाद सुनील बिंझौल के वकील जितेंद्र कुंडू ने मेडिकल कराने की मांग की, जिसके आदेश न्यायाधीश ने दिए। इसके साथ ही वकील ने जमानत के लिए अर्जी भी लगाई, जिसके खारिज कर दिया गया। वकील जितेंद्र कुंडू ने बताया कि वह अब सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाएंगे। कोर्ट परिसर में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ओमवीर पंवार, बलवान शेरा, प्रताप महाराणा, पंकज बिंझौल, जसबीर जागलान, उपेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। गांव बिंझौल से सतीश, नवीन, अनिल, नरेश, राकेश, संदीप और जिला कोआर्डिनेटर के भाई विजय भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे।
पुलिस ने कॉल रिकार्डिंग और मोबाइल लोकेशन के आधार पर ठहराया आरोपी
पुलिस ने जब सुनील को न्यायालय में पेश किया तो उन्होंने गिरफ्तार करने का आधार न्यायाधीश के सामने रखा। सुनील और महिला के बीच बातचीत की 20 से 22 बार कॉल रिकार्डिंग मिली है, जिनमें वह पैसो की मांग कर रहे हैं। वहीं इसके अलावा पैसे देने के लिए जब हवलदार सुरेंद्र पक्ष के करीब चार से पांच लोगों को सेक्टर 18 स्थित सुनील के मकान पर बुलाया गया था। दोनों पक्षो की एक जगह मोबाइल की लोकेशन एक ही टावर से कनेक्ट हुई मिली। पुलिस का कहना है कि दो से तीन बार दोनों पक्षों की लोकेशन एक ही जगह मिली और रिकार्डिंग से साबित होता कि पैसों की डिमांड की गई है।
बेडरूम से हिरासत में लिया गया सुनील, दो घंटे पहले डीएसपी से की थी मुलाकात
गांव बिंझौल निवासी रणबीर सिंह ने बताया कि सुनील पुलिस की हर कानूनी कार्रवाई में साथ दे रहा था। जब भी पुलिस उसे बुलाती, वह थाने जाता था और सवालों के उत्तर देता था। वह शुक्रवार को भी दो बजे डीएसपी वीरेंद्र सैनी से मिला था। आरोप है कि सीआइए वन की टीम शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर गई और उसके बेडरूम से उसे उठाकर ले गई।
दुष्कर्म के आरोपी पुलिसकर्मी और दोनों दुकानदारों की गिरफ्तारी नहीं
महिला ने 29 जुलाई को महिला थाने में बापौली ब्लॉक के पूर्व चेयरमैन राकेश गुप्ता के भाई घनश्याम गुप्ता, सनौली थाना पुलिस में तैनात हवलदार सुरेंद्र दहिया और सनौली के एक दुकानदार संजय रोहिल्ला पर सामूहिक दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। कांग्रेस के जिला सचिव सुनील बिंझौल के भाई विजय ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज किए एक माह होने वाला है, लेकिन अभी तक तीनों आरोपी बाहर है। हवलदार को बचाने के लिए पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में सुनील को फंसाया है।
हनीट्रैप में जो शिकायतकर्ता, वह दुष्कर्म के मामले में आरोपी का रिश्तेदार
वकील जितेंद्र कुंडू का कहना है कि पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में जो भी शिकायतकर्ता दिखाया है वह हवलदार समेत महिला से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों का रिश्तेदार है। नियमानुसार आरोपी हो या पीड़ित किसी भी पक्ष से रिश्तेदार, भाई, परिवार के सदस्यों के बयान को कोर्ट में ठोस गवाही के तौर पर नहीं माना जाता।
किराएदार है महिला तो बातचीत भी होगी, कोई पुख्ता सबूत नहीं केवल फंसाया गया है: कुंडू
महिला पिछले छह माह से गांव बिंझौल में सुनील के मकान में रहती है। वह शादीशुदा है। उसके तीन बच्चे हैं। महिला के साथ वारदात होने पर सुनील के संज्ञान में मामला डाला। किराएदार होने के नाते उसने मदद की है, सुनील ने कोई पैसे नहीं लिए। अगर पैसे लिए है तो सबूत दें। पुलिस ने रिकार्डिंग और लोकेशन के आधार पर उसे आरोपी बनाया, जिसका वह जल्द ही पर्दाफाश करेंगे।
- जितेंद्र कुुंडू, एडवोकेट, पानीपत।
वकील की दलील
1. पुलिस के पास सुनील की कोई ऑडियो नहीं, जिसमें पैसों की बात हो रही है
2. पुलिस के पास सुनील की पैसे लेते हुए कोई विडियो नहीं है
3. पुलिस ने सुनील को रंगे हाथ पैसे लेते हुए नहीं पकड़ा है
4 पुलिसकर्मी को बचाने के लिए सुनील को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है,
5. महिला को न्याय दिलाने वाले के लिए सुनील आगे आया था बस, वह बेकसूर है
जानिए टाईमलाइन के अनुसार
12.48 पर कोर्ट परिसर में पुलिस की तीन गाड़िया आई
12.49 पर एक गाड़ी से डीएसपी वीरेंद्र व दो पुलिसकर्मी उतरे
01.05 तक ासुनील को पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में बैठाए रखा
01.08 पर पुलिसकर्मी सुनील को लेकर वापस चले गए
01.15 पर वापस कोर्ट परिसर पहुंचे
01.17 को सुनील को अदालत में पेश किया गया
01.35 पर सुनील को लेकर पुलिसकर्मी वापस आए
01.45 तक दोबारा गाड़ी में बैठाए रखा
01.50 पर पुलिसकर्मी सुनील को लेकर चले गए
वर्जन
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। रविवार को पुलिस ने झारखंड से 30 लाख रुपये की बरामदगी के लिए सुनील को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं महिला की धरपकड़ के प्रयास जारी है। सुनील से गहनता से पूछताछ जारी है।
- सतीश वत्स, डीएसपी, मुख्यालय