मोबाइल में लड़कियों की फोटो अपलोड कर गांव में बदनाम किए जाने पर 30 वर्षीय मेडिकल स्टोर संचालक ने जहीला पदार्थ खाकर शनिवार को जान दे दी। उसने तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा, जिससे गांव के सात युवकों पर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील कुमार का गांव में मेडिकल स्टोर है। शनिवार की रात उसने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। रविवार को परिजन थाने पहुंचे और बेटे को बदनाम कर सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले युवकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। सुसाइड नोट में उसने कुछ युवकों का नाम लिखते हुए आरोप लगाया है कि उन युवकों ने उसके साथ मारपीट की ओर उसे गांव में बदनाम कर दिया। उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने एक बीमार लड़की के इलाज में मदद की। परिजनों के हंगामें के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर की और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
यह लिखा सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि उसका गांव में मेडिकल स्टोर है। गांव की ही एक युवती का उसके पास फोन आता था, जोकि अपने आप को मानसिक रूप से बीमार बताती थी। एक दिन उस युवती की मां भी उसके पास आई और बताया कि मेरी बेटी बीमार है, उसका इलाज कर दें। तभी से वह उस युवती का इलाज करने लगा। जिससे वह ठीक होने लगी। यह बात युवती की मां के साथ ही उसके पिता और भाईयों को भी पता थी। कुछ दिन पहले उसके पास अरविंद, रोहित, आशीष, सचिन, विकास, मुकेश और विषय आए और मारपीट की। उसकी दुकान का दरवाजा भी तोड़ दिया। इतना ही नहीं वह उसका मोबाइल फोन उठाकर ले गए और उसका लॉक तोड़कर उसमें कई लड़कियों के फोटो डालकर गांव में दिखा दिया कि यह गलत किस्म का इंसान है। इसे गांव में नहीं रहना चाहिए। इसके कारण उसकी बहुत बदनामी हुई। सुसाइड नोट में लिखा कि परिवार के साथ-साथ गांव में भी उसकी बहुत ज्यादा बदनामी हो गई। बदनामी पर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी ।
वर्जन
थाना मतलौडा में मामले के जांच अधिकारी एसआई बलवान सिंह ने बताया की सुसाइड नोट के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मृतक की पत्नी ने भी पति की हत्या का 7 लोगों को जिम्मेदार बताया।