समालखा रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण केंद्र खुले अभी करीब तीन माह ही गुजरे हैं मगर खिड़की पर दलालों ने अपनी पैठ जमानी शुरू कर दी है।
इसके चलते तत्काल सेवा में टिकट बुक करवाने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उनके लाइन में खड़ा होने के बावजूद दलालों की टिकट पहले बुक कर दी जाती है।
रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण केंद्र खुलने पर लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें अब टिकट बुक करवाने सहित तत्काल में भी टिकट लेने में होने वाली परेशानी दूर होगी। मगर लोगों की मानें तो ऐसा हुआ नहीं।
आरक्षण केंद्र पर सुबह आठ बजे से दो बजे तक सभी ट्रेनों की टिकट बुक की जाती है, लेकिन तत्काल सेवा की टिकट बुक करवाने का समय रेलवे द्वारा दस से बारह बजे का निर्धारित किया गया है।
इस दौरान देशभर में दलाल नेटवर्क से तत्काल टिकट बुक नहीं करवा सकते, लेकिन आरक्षण केंद्र पर आसानी से टिकट उपलब्ध हो सकती है।
तत्काल में टिकट बुक करवाने पहुंचे सुभाष जैन ने बताया कि वह लाइन में सबसे आगे खड़ा था, लेकिन पीछे से आए कुछ लोगों ने काउंटर में पैसे और फार्म देते उससे पहले ही टिकट बनवा ली, जबकि टिकट बनाने वाले ने उसे शुक्रवार को आने को कहा है।
वहीं, अनिल ने बताया कि वह तीन दिन से तत्काल में टिकट बनवाने के लिए आ रहा है, लेकिन उसे लाइन में खड़ा होने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ता है।
लाइन में नंबर लगाने के बाद भी नहीं मिलती टिकट
लोगों ने बताया कि वह रात को ही काउंटर के पास सादे कागज पर अपना नाम लिखने के साथ ही नंबर लग जाते हैं, लेकिन कुछ दिनों से उक्त कागज को फाड़कर वहां पर दूसरा रख दिया जाता है।
सुबह लाइन में खड़ा होने पर दूसरे उनसे पहले आकर टिकट कटवा जाते हैं। इस बारे में काउंटर टिकट बुक करने वाले कर्मचारी अमित ने बताया कि टिकट बुकिंग में दलालों की टिकट पहले काटने के आरोप निराधार हैं। लाइन के अनुसार ही लोगों की टिकट बुक की जाती है।