पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में मातृत्व विभाग में महिलाएं पेंटिंग से अपने गर्भ में पल रहे बच्चे की संभाल और जन्म के बाद उसकी देखभाल करना सीखेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इन सबको देखते हुए अस्पताल में मातृत्व विभाग, एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट), एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) और जच्चा-बच्चा की ओपीडी में रंग-बिरंगी पेंटिंग लगाई गई हैं। अस्पताल के 14 कमरों में करीब 54 प्रकार की पेंटिंग लगाई है। यह पेंटिंग अभी जिला नागरिक अस्पताल लगाई हैं। सीएचसी और पीएचसी में अधिकारियों को अपने स्तर पर इनकी व्यवस्था करनी पड़ेगी।
अस्पताल में लाइट पिंक और हरे रंग की विभिन्न स्थितियों वाली जच्चा-बच्चा संबंधित पेंटिंग लगाई गई है, इनमें बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में हरे रंग की, महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लाइट पिंक, मातृत्व विभाग में बच्चे को जन्म के बाद मां के दूध से संबंधित और जच्चा के खान-पान से संबंधित पेंटिंग लगाई गई है। एसएनसीयू और एनआरसी में बच्चों से संबंधित बीमारियों से बचाव को पेंटिंग के माध्यम से बताया और समझाया गया है। अस्पताल में चार वार्डों के 14 कमरों में करीब 54 पेंटिंग लगाई गई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पेंटिंग के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों में सकारात्मकता का विकास होगा और उन्हें अच्छा महसूस होगा। बीमारी को समझने और उससे बचने में सहायता मिलेगी।
सीएचसी-पीएचसी पर वहां के अधिकारी अपने स्तर पर लगाएंगे
सीएचसी-पीएचसी और सब सेंटरों पर वहां के अधिकारी (एमओ) अपने स्तर पर पेंटिंग लगाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी-पीएचसी पर पेंटिंग की कोई सुविधा नहीं दी गई है वहां के अधिकारी स्वयं ही पेंटिंग की व्यवस्था करेंगे और आवश्यकतानुसार लगाएंगे।
वर्जन
गर्भवतियों को मानसिक रूप से स्वस्थ और उस समय की स्थिति समझाने के लिए पेंटिंग लगाई गई है। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भी बच्चों से संबंधित पेंटिंग लगाई हैं ताकि बच्चे और अभिभावक उन्हें पढ़कर और समझकर बीमारी के खिलाफ जागरूक हो।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।