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दूधिये पर तेजाब फेंका, गंभीर

Sat, 30 Nov 2013 11:29 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत के गांव खोजकीपुर में एक दुधिया पर तेजाब से हमला कर दिया और उससे 14 हजार रुपये भी छीन ले गए। एसिड अटैक करने वाले गांव के ही बताए हैं और उन लोगों ने दूध न पिलाने पर रंजिशन इस वारदात को अंजाम दिया है।
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उसको बुरी तरह झुलसी हालात में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है। पुलिस ने फिलहाल इस तरह के मामले की सूचना न होने की बात कही है। बापौली थाना के गांव खोजकीपुर निवासी 19 वर्षीय ओमबीर दूध बेचने का काम करता है।

वह शुक्रवार तड़के दूध निकलवाने का काम कर रहा था। इसी समय गांव के जोनी और अमित समेत कई लोगों ने उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उससे 14 हजार रुपये भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए।
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वह तेजाब गिरने पर चेहरा जलते ही चिल्ला उठा और उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। उसको बापौली सीएचसी में दाखिल कराया। जहां से उसको सुधार न होने पर सिविल अस्पताल पानीपत रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने यहां पर उसका उपचार शुरू किया और सूचना पुलिस को दी।

दूध पिलाने से किया था मना
ओमबीर ने गांव के ही दो युवकों को दूध पिलाने से मना कर दिया था। इस कारण उन्होंने उस पर तेजाब फेंक दिया। ओमबीर ने बताया कि वह वीरवार शाम को दूध निकलवाकर आ रहा था।

गांव के ही दो युवकों ने उसको दूध पिलाने की कही, लेकिन उसने उनको मना कर दिया। इस कारण उन्होंने उससे रंजिश कर ली और उस पर तेजाब फेंक दिया।

नहीं मिला प्राथमिक उपचार
ओमबीर को एसिड अटैक के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। परिजनों ने सीएचसी बापौली पर अनदेखी बरतने का आरोप लगाया है।

परिजनों ने बताया कि ओमबीर को घटना के तुरंत बाद बापौली सीएचसी में ले गए थे। लेकिन यहां किसी ने उनका मेडिकल और उपचार नहीं किया। अस्पताल के किसी स्टाफ ने पर्ची पर लिखकर दे दिया कि एसएमओ डॉ. सुरेंद्र छुट्टी पर हैं। चूंकि पर्ची पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे। इसलिए इमरजेंसी के डॉक्टर ने भी उसे डॉक्टर के साइन कराने के लिए वापस भेज दिया।

36 घंटे बाद हुई मेडिकल जांच
तेजाब से झुलसे पीड़ित का 36 घंटे के बाद मेडिकल हो पाया। डॉक्टरों की मनमानी के कारण पीड़ित इधर से उधर भागता रहा। लेकिन बापौली सीएचसी के किसी भी स्टाफ ने उसकी पर्ची पर हस्ताक्षर करने या फिर मोहर नहीं लगाई। सिविल अस्पताल में भी उसको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
ओमबीर पर एसिड अटैक के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की एक बार फिर से पोल खुल गई। स्वास्थ्य विभाग की हिदायत के अनुसार सीएचसी पर एसएमओ की नियुक्ति की है। लेकिन यहां के एसएमओ चार दिसंबर तक छुट्टी पर चल रहे हैं।

उनकी जगह एक एमओ को जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन मरीजों को यहां पर कोई प्राथमिक उपचार नहीं दे रहा। डॉक्टर के न होने की कहकर मरीजों को टाल रहे हैं।

वर्जन
सीएचसी पर एसएमओ नियुक्त हैं। उनको यहां पर मरीजों का उपचार करना चाहिए। यहां पर दूसरे डाक्टर को नियुक्त किया है। एसिड अटैक में किसी तरह की लापरवाही हुई है तो वे मामले की जांच करेंगे और संबंधित कर्मी पर उचित कार्रवाई करेंगे। इमरजेंसी के डाक्टरों को भी मामला समझना चाहिए।
डॉ. भूपेश चौधरी, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत

वर्जन
खोजकीपुर गांव में एसिड अटैक के मामले की सूचना नहीं मिली है और न ही सिविल अस्पताल से कोई सूचना मिली है। ऐसा कोई मामला सामने आता है तो वे जांच करेंगे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
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रमेश कुमार, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत
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