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ब्लैक फंगस के तीन और मरीज मिले

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अब जिले में कोरोना के साथ लगातार ब्लैक फंगस के केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी कोरोना के नए तीन संदिग्ध रोगी मिले हैं। इनमें से दो को नेत्र रोग व एक ईएनटी का रोगी था। डॉक्टरों की कमेटी ने इन मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। इन सब मरीजों में ब्लैक फंगस के सभी लक्षण मिले हैं। अब तक खानपुर भेज गए 12 मरीजों में 9 कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। सोमवार को मिले रोगियों की भी खानपुर मेडिकल कॉलेज में एमआरआई, एंडोस्कोपी और बायोप्सी होगी। इसके साथ ही दिमाग की स्थिति भी जांची जाएगी।
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पांचों शुगर के रोगी हैं, कोविड संक्रमित भी हो चुके हैं: कमेटी
कान, नाक एवं गला विशेषज्ञ डॉ. शिवाजंलि और नेत्र रोग डॉ. शालिनी मेहता की कमेटी ने बताया कि हर रोज 20-25 लोगों की जांच की जा रही है। सोमवार को 3 ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें से दो नेत्र रोग से संबंधित थे जबकि 1 कान व नाक से संबंधित रोगी हैं। अब तक यहां से 12 रोगियों को रेफर किया गया है। जो रोगी मिल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
लक्षण मिलने पर बिल्कुल भी देरी ना करें
लोगों से अपील है कि वो ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर जरा भी देरी ना करें, तुरंत डॉक्टर से जांच कराए। देरी होने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ये फंगस नाक के जरिये आंख में और फिर दिमाग में जाता है। ये आंख के आसपास के भाग को सड़ा देता है। स्थिति गंभीर होने पर आंख तक निकालने की नौबत आ सकती है। कई ऐसे संदिग्ध मरीज आए हैं जिन्हें काफी लंबे समय से लक्षण हैं। जो शुगर के रोगी हैं या कोरोना का शिकार हो चुके हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड का इस्तेमाल ना करें।
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ये हैं लक्षण-
दांत में दर्द हो, दांत हिलने लगे, चबाने में दर्द हो, उल्टी या खांसने में बलगम में खून आए, आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना या मानसिक स्थिति में बदलाव दिखे।
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