-बिजली बिल भरने की अंतिम तिथि पर उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
-लेट फीस कौन भरेगा, इनवर्टर ने भी दिया जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल वीरवार को शुरू हो गई है। 22 से 24 अक्टूबर तक चलने वाली इस हड़ताल के कारण समालखा शहर में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को बिजली बिल जमा कराने की अंतिम तिथि होने के कारण उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि हड़ताल के चलते समय पर बिल जमा नहीं हो पाया और लेट फीस लगी तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
बिजली बंद होने से कारोबार और घरेलू काम प्रभावित :
समालखा शहर में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई जगह इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे घरेलू कामकाज के साथ दुकानदारों और अन्य कारोबारियों को परेशानी हुई। कुछ लोग कामकाज चलाने के लिए किराये पर जनरेटर लेने को मजबूर हुए, जबकि जिन लोगों के जनरेटर खराब थे, वे मिस्त्रियों से उन्हें ठीक करवाते नजर आए। कॉलोनियों की महिलाओं ने भी बिजली कर्मचारियों से सवाल किया कि बिजली आपूर्ति कब तक बहाल होगी।
बिजली उपभोक्ता देवा, प्रीतमपुरा से कर्मबीर, मच्छरौली गांव से रामफल, झट्टीपुर गांव से पूर्ण मल, समालखा से रोहताश और पट्टीकल्याणा से अमर ने कहा कि बिजली बिल जमा कराने की अंतिम तिथि पर ही बिजली आपूर्ति और संबंधित सेवाओं को लेकर परेशानी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समय पर बिल जमा नहीं हो पाया और उपभोक्ताओं को लेट फीस देनी पड़ी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। लोगों ने मांग की कि उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए उचित समाधान किया जाए।
बिजली कर्मचारियों ने सरकार और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह में पैरलल लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में हड़ताल शुरू की है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पिछली बैठक में उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद पैरलल लाइसेंस देने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने इसे आश्वासन के विपरीत बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में उठाए जा रहे कदम किसानों, आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। इससे भविष्य में आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल की अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस मौके पर यूनिट प्रधान मनदीप आर्य, यूनिट सचिव जोगिंद्र, यूनिट उपप्रधान राजेश, सब-यूनिट प्रधान बलराज, शेखर, प्रवीन और अशोक, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से सतबीर चालिया, अखिल भारतीय खेत मजदूर संघ से राजेंद्र छौक्कर व सीटू से कामरेड सुनील दत्त मौजूद रहे।