सीआईए वन ने रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए मेडिकल स्टोर संचालक समेत तीन आरोपियों को 19 इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सेक्टर-18 में अपनी कार में बैठकर ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। आरोपी एक इंजेक्शन करीब 35 हजार रुपये में बेचने वाले थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सेक्टर 13-17 थाने में केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों को गहनता से पूछताछ करने के लिए बुधवार को कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा।
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल अहलावत ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के पास आई-20 कार में बैठे तीन लोग रेमडेसिविर के इंजेक्शन को अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी में है। जिस सूचना पर उन्होंने ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर विजय राजे को सूचना दी और उन्हें मौके पर बुलाया। उन्होंने ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर के साथ मिलकर आरोपियों को काबू किया। आरोपियों ने अपनी पहचान चड़ाउ मोहल्ला कलंदर चौक निवासी केशव उर्फ कन्नू, जलालपुर निवासी सुनील उर्फ चंद्र सिंह और कच्चा कैंप स्थित गुरुनानक पुरा निवासी सुमित के रूप में बताई। आरोपियों की कार से 19 रेमडेसिविर के इंजेक्शन बरामद किए गए।
पूछताछ में पता चला कि एक इंजेक्शन को 35 हजार रुपये में बेचा जाता है। वे इन इंजेक्शन को भी बेचने के लिए आए थे और ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। सेक्टर 13-17 थाना में आरोपियों के खिलाफ ड्रग एक्ट, कॉस्मेटिक एक्ट और धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया है।
माली हालत देखकर तय करते थे इंजेक्शन की कीमत
पुलिस पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ कि उन्होंने इंजेक्शन की कोई कीमत तय नहीं कर रखी थी। वह 15 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक कीमत लगाकर इंजेक्शन बेचते थे। इंसान की माली हालत को देखकर इंजेक्शन कीमत तय करते थे।
चंडीगढ़ से लेकर आते थे इंजेक्शन, दूसरे राज्यों के गिरोह से जुड़े होने की आशंका
सीआईए वन प्रभारी राजपाल ने बताया कि तीन में से एक आरोपी केशव का सनौली रोड पर मेडिकल स्टोर है, जबकि सुमित और सुनील आरोपी केशव के दोस्त हैं। तीनों में मुखिया केशव उर्फ कन्नू है। केशव ने पूछताछ में बताया कि वह चंडीगढ़ से इंजेक्शन को खरीदकर लाते थे। आशंका है कि दूसरे जिलों और राज्यों के गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
आरोपी पेश नहीं कर पाए लाइसेंस
ड्रग कंट्रोलर विजय राजे ने आरोपियों से इंजेक्शन की खरीद का रिकार्ड, दवाओं की बिक्री, लाइसेंस मांगा गया, लेकिन तीनों आरोपियों में से किसी के पास भी लाइसेंस नहीं था। जिसके बाद ड्रग कंट्रोलर और सीआईए वन ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए सेक्टर 18 से तीन आरोपियों को काबू किया है। जिनके कब्जे से रेमडेसिविर के 19 इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ सेक्टर 13-17 थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। गहनता से पूछताछ करने के लिए उन्हें बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय, पानीपत।