सनौली। गांव सनौली खुर्द में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी क्लीनिक के कमरे को सील करते हुए।
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पानीपत-सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सनौली गांव में एक क्लीनिक पर छापा मारकर लिंग जांच के मामले का भंडाफोड़ किया है। मामले में टीम ने अल्ट्रासाउंड करने वाले युवक, दलाल और एक दाई को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी क्लीनिक संचालक और मकान मालिक मौके से फरार हो गया। कार्रवाई से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक महिला को भ्रूण परीक्षण कराने के लिए भेजा था।
सोनीपत स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव सनौली में सतबीर उर्फ बंटी मडाड अपने घर पर क्लीनिक चलाता है, जहां पर लिंग जांच की जाती है। सतबीर डॉ. कविता का पति है। डॉ. कविता की पांच साल पहले मौत हो गई थी। अब सतबीर अपनी पत्नी के क्लीनिक को चलाता है। सूचना के आधार पर सोनीपत की टीम ने एक फर्जी ग्राहक को तैयार किया और विकास नगर की एक दाई भतेरी के पास भेजा। महिला ने भतेरी से लिंग जांच कराने की बात कही। दाई भतेरी ने सरोज नामक महिला से इस संबंध में बात की। सरोज ने लिंग जांच के लिए 30 हजार रुपये मांगे और क्लीनिक संचालक सतबीर से इस बारे में बात की। सतबीर और सरोज ने फर्जी ग्राहक महिला को रविवार को बुलाया था। सरोज और भतेरी ग्राहक को लेकर सनौली बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां पर क्लीनिक में काम करने वाला युवक राकेश उन्हें बाइक पर लेने के लिए आया। महिला से लिंग जांच के लिए 20 हजार रुपये क्लीनिक के संचालक सतबीर ने लिए। वहीं 10 हजार रुपये में से सरोज ने 5 हजार रुपये अल्ट्रासाउंड करने वाले राकेश को और दो हजार रुपये दाई भतेरी को दिए। तीन हजार रुपये सरोज ने अपने पास रख लिए। टेक्नीशियन राकेश ने लिंग जांच कर गर्भवती को लड़का बताया। इसके बाद पानीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक में छापेमारी की। यहां पर दोबारा फिर एक महिला के गर्भ की जांच करते हुए पाया गया। दोनों जिलों की टीम ने यहीं पर आरोपी राकेश, सरोज व दाई भतेरी को दबोच लिया। क्लीनिक संचालक सतबीर उर्फ बंटी टीम को चकमा देकर फरार हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राकेश, सरोज और भतेरी से 10 हजार रुपये बरामद किए। सनौली थाना पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया है। पुलिस दो महिलाओं को भी हिरासत में लेकर गई है। इन महिलाओं पर लिंग जांच कराने का आरोप है। कार्रवाई टीम में पानीपत से डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुधीर बतरा, डॉ. सुखदीप कौर, डीसीओ विजय राजे, डयूटी मजिस्ट्रेट आईटीआई के प्रिंसिपल कृष्ण कुमार और सोनीपत की टीम से डॉ. आशीष, डॉ. सुभाष गाहल्याण और डॉ. अवनीता मौजूद रहीं।
क्लीनिक की स्टाफ नर्स थी सरोज
सरोज डॉ. कविता के पास छह साल पहले स्टाफ नर्स थी। वह इसी क्लीनिक पर नौकरी करती थी। डॉ. कविता की मौत के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद सतबीर इस क्लीनिक को चला रहा था। बताया जा रहा है कि सरोज काफी महिलाओं के गर्भ की जांच करा चुकी है।
क्लीनिक और मशीन को सील कर दिया गया, जबकि संचालक फरार है। 10 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। लिंग जांच करने के मामले की पुष्टि हुई है। पांच आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
- डॉ. सुधीर बत्रा, डिप्टी सिविल सर्जन