पानीपत। चैत्र नवरात्र के साथ ही रविवार को हिंदू नव वर्ष की शुरुआत हुई। पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री का पूजन किया। प्राचीन देवी मंदिर में पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। सुबह साढ़े सात बजे कलश स्थापना करने के बाद घरों व मंदिरों में माता की पूजा-अर्चना शुरू की गई।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ ही नौ दिन का उपवास शुरू किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं के पूजा-अर्चना व माता के दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है। प्राचीन श्री देवी मंदिर में रविवार सुबह माता का विशेष शृंगार किया गया। इसके बाद दर्शन के लिए कपाट खोले गए। दर्शन के लिए सुबह ही भक्तों की लंबी कतार लग गई। दोपहर 12 बजे तक माता के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। इसके बाद साफ-सफाई के लिए मंदिर बंंद कर दिया गया। सायं चार बजे भक्तों का पहुुंचने का सिलसिला फिर शुरू हो गया। सांध्यकालीन और शयन आरती के साथ भक्तों ने माता के दर्शन किए। प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे मंदिर में कलश स्थापना की गई। उसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में माता शैलपुत्री की आरती की गई और माता का पूजन किया गया। इससे पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। पूरा दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर में माता का दरबार दिल्ली से लाए गए लगभग पांच लाख की लागत के फूलों से सजाया गया है। मुख्य आकर्षण का केंद्र माता का दरबार रहा।
मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के दर्शन व पूजन के लिए लाइन बनाई गई है। ताकि सभी श्रद्धालु बिना परेशानी के माता के दर्शन कर सकें और व्यवस्था बनी रहे। मंदिर में मेले का आयोजन भी किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था की गई है। साथ ही मंदिर में साफ-सफाई की भी व्यवस्था है। मंदिर में सुबह, शाम और शयन के समय तीन बार माता शैलपुत्री की आरती की गई।
नवरात्र शुरू होते ही बाजार में माता के सामान और व्रतियों के खाने की खरीदारी बढ़ने लगी है। बढ़ती खरीदारी देख दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। असंध रोड रामलाल चौक स्थित अरोड़ा शॉप के संचालक केतन अरोड़ा ने बताया कि पिछले दो दिन से खरीदारी बढ़ने लगी है।