दिनभर आसमान में छाए रहे बादल। संवाद
पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बुधवार को लगातार दूसरे दिन छिटपुट बूंदाबांदी हुई। दिनभर करीब 18 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से सरसों की फसल झड़ने का खतरा बढ़ गया है। तेज हवा और बूंदाबांदी के चलते किसानों की मंडी और खेत में चिंता बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों ने पूरे सप्ताह मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है।
जिले में मंगलवार को 3.4 एमएम बारिश हुई थी, इसके बाद मंगलवार रात और बुधवार को दिनभर हल्के से मध्यम बादल छाए रहे। दोपहर करीब एक बजे छिटपुट बूंदाबांदी शुरू हो गई। अनाज मंडी में किसानों और एजेंसियों ने तिरपाल की मदद से अपना गेहूं ढक दिया। करीब 15 मिनट तक छिटपुट बूंदाबांदी चली। हवा की गति करीब 18 किलोमीटर प्रतिघंटे से चली। जिले में अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को देर शाम तक हल्के से मध्यम बादल छाए रहे। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दो दिन बारिश की संभावना थी। अब एक सप्ताह मौसम साफ रहेगा। अगले कई दिन धूप खिलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है।
किसान बोले-फसल उठाना मुश्किल हुआ
रबी सीजन में मौसम के लगातार परिवर्तन से किसानों की चिंता लगातार बनी हुई है। शहरमालपुर गांव के संदीप और प्रदीप ने बताया कि एक सप्ताह से गेहूं की फसल कटाई पर खड़ी है। उनको मौसम साफ होने का इंतजार है। एक दिन मौसम साफ होने के बाद दो दिन बादल छाए रहते हैं। गेहूं कटाई करने से डर लगता है। कंबाइन भी ठीक से नहीं चल पा रही है। इस तरह बूंदाबांदी चलती रही तो गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा। मंडियों में खरीद भी नहीं हो पाएगी।