पानीपत। चैत्र मास में दो दिन से सावन की तरफ हल्की से मध्यम बारिश चल रही है। वीरवार को दोपहर बाद से देर शाम तक रुक-रुककर बारिश हुई। जिले में 3.2 एमएम बारिश दर्ज की है। सबसे अधिक इसराना व मतलौडा में पांच-पांच एमएम बारिश दर्ज की। इस मौसम में बारिश आने से सरसों और गेहूं की फसल में नुकसान बढ़ गया है।
सरसों में सबसे ज्यादा 10 प्रतिशत और गेहूं में पांच प्रतिशत नुकसान है। किसानों को लगातार बारिश होने पर नुकसान और बढ़ने की चिंता सता ही है। मौसम विशेषज्ञ ने शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जमाया है। वीरवार सुबह ही हल्के से मध्यम बादल छा गए। दिन में तेज हवा के साथ बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर बाद ढाई बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम को पांच बजे बूंदाबांदी फिर तेज हाे गई। शाम को सात बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। अनाज मंडी में आए किसानों को अपने साथ लाए तिरपाल से सरसों को ढकना पड़ा।
वहीं खेतों में खड़ी सरसों की फसल तेज हवा व बारिश के चलते झड़ने लगी है। गेहूं की बिछी फसल में दाना काला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। गढ़ी भल्लौर गांव के इंद्र सिंह और महाबीर ने बताया कि पिछले दिनों तेज हवा और बारिश में गेहूं की फसल बिछ गई थी।