पानीपत। थाना किला क्षेत्र के कुटानी रोड पर गोलगप्पा विक्रेता अश्वनी (18) हत्या के मामले में नई बात सामने आई। घायल अश्वनी काफी देर तक सड़क पर घायल अवस्था में तड़पता रहा। लोग उसकी वीडियो बनाते रहे। लेकिन, अस्पताल तक नहीं पहुंचाया।
अश्वनी के जीजा नंद किशोर का कहना है कि समय से अस्पताल पहुंच जाता तो शायद उसकी जान जान बच जाती। वहीं, उन्हें आशंका है कि गोलगप्पे के पैसे के लिए झगड़ा होने पर उसकी हत्या की गई। उधर, किला थाना पुलिस ने घटना स्थल के पास सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक फुटेज में दो संदिग्ध युवक भागते हुए नजर आ रहे हैं।
मूल रूप से कानपुर देहात के बिलहापुर के रहने वाले नंद किशोर ने बताया कि उसका साला अश्वनी जगदीश नगर में उसके पास रहते थे। शनिवार को वह रेहड़ी लेकर गोलगप्पे बेचने के लिए गया था। रात को करीब आठ बजे उन्हें सूचना मिली थी कि अश्वनी को किसी ने चाकू मार दिया है।
जब वह अस्पताल पहुंचे तो अश्वनी घायल अवस्था में मिला था। कुछ देर बाद एक निजी अस्पताल में ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई थी। नंद किशोर ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
नंद किशोर ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल कुटानी रोड गंदा नाला के आस-पास लोगों से जानकारी ली। उनके पास एक वीडियो आई। जिसमें अश्वनी सड़क पर तड़पता रहा है। लोग उसे चारों ओर से घेरे हुए हैं और वीडियो बना रहे है। उनका कहना है कि अश्वनी को अस्पताल में पहुंचाने में काफी देर हुई। जिस कारण उसकी मौत हो गई। यदि समय रहते उसे अस्पताल ले जाया जाता तो उसकी जान बच जाती।
गोलगप्पे के पैसे के लिए झगड़ा होने की आशंका : अश्वनी की हत्या के मामले में अभी वारदात के कारण भी स्पष्ट नहीं हुए हैं। परिजनों का कहना है कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। अश्वनी के पैसे भी उसी की जेब से मिले हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि गोलगप्पे खाने के बाद पैसे के लिए झगड़ा हुआ होगा। जिसमें हमलावरों ने चाकू मार दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
दो संदिग्ध फुटेज में हुए कैद : उधर, हत्या की वारदात के बाद किला थाना पुलिस और सीआईए की टीमों ने भी जांच शुरू कर दी हैं। पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घटना स्थल से कुछ दूरी पर एक फुटेज में भागते हुए दो संदिग्ध युवक कैद हुए हैं। पुलिस दोनों की पहचान करने में जुटी है। अभी तक की जांच में भी वारदात में दो से तीन युवक होने की संभावना है।