पानीपत। राजाखेड़ी गांव में चातुर्मास में रविवार को रोहित मुनि ने प्रवचन दिए। श्रेयांश मुनि ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि गुरु की कृपा से हम सुखी हैं। सारी जागृति गुरु की कृपा से है। भक्त और भगवान का गहरा नाता है। यदि हमारे अंदर सच्ची आस्था व समर्पण होगा तो जीवन भी सरल व सुखी रहेगा। नौजवानों में भी सहनशीलता होनी चाहिए। जो सहनशील होगा तो उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। गुरुओं की वाणी कभी खाली नहीं होती, हमेशा खुशियों की झोली भरती है। गुरु का काम दया करना है। उनका स्वभाव कभी नहीं बदलता। यदि युवा मजबूत है तो समाज भी मजबूत है और यदि युवा खोखला है तो समाज भी खोखला होगा।
उन्होंने कहा कि खानपान के साथ-साथ बुराइयों के प्रवेश से युवा अंदर से खाली होता जा रहा है। नशे और मांसाहार ने युवा को बहुत नुकसान पहुंचाया है। शराब ने देश की जवानी को खराब कर दिया। मांसाहार से भी बहुत सारी बीमारियां फैलती हैं। मांसाहार को बढ़ावा जीभ के लालच ने बढ़ाया है।