संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। प्रशासन शुक्रवार को पुलिसबल के साथ मनाना गांव में कब्जा हटवाने पहुंचा। लोगों ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा है। इस दौरान गांव छावनी बना रहा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार बलवान सिंह मलिक के नेतृत्व में प्रशासन की टीम शुक्रवार को कब्जा हटाने पहुंची। प्रशासन द्वारा एक अवैध चहारदीवारी गिराई। प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही कब्जाधारियों ने प्रशासन से 10 दिन का समय मांगा और स्वयं ही पैमाइश करा कर जगह छोड़ने की बात कही।
मनाना की पंचायती जमीन से कब्जे न हटवाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरपंच रेखा शर्मा, बीडीपीओ व एसडीएम समालखा, डीडीपीओ व उपायुक्त पानीपत, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं तत्कालीन मुख्य सचिव को अवमानना का नोटिस जारी किया था। गांव की फिरनी पर पार्क से लेकर नाले तक करीब 21 ग्रामीणों को कब्जा हटाने संबंधित नोटिस जारी किया था।
ग्रामीणों ने बताया कि फिरनी पर कब्जे को लेकर 2011 में शिकायत दी गई थी। इसमें 2016 में अवैध कब्जा हटाने की लिए फैसला आया था लेकिन 2025 तक भी प्रशासन कब्जा नहीं हटवा सका।
ग्रामीण धर्मवीर शर्मा ने गांव में पंचायत की जमीन पर हुए कब्जे को खाली करवाने के लिए 2018 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।