चूड़ियों की दुकान पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
करवाचौथ : व्रत की तैयारी में जुटी सुहागिनें, खरीदारी के लिए जुट रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। करवाचौथ आते ही बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। सुहागिनें जहां व्रत की तैयारी में जुटी हैं वहीं, बाजार में उत्साह है। लाल और हरी चूड़ियों का जादू महिलाओं के दिलों पर छाया है। हर दुकान पर चूड़ियों की खनक सुनाई दे रही है। व्यापारियों के चेहरे पर भी बेहतर कारोबार की चमक दिखाई दे रही है।
इस समय हर दूसरी महिला हाथ में लाल-हरी चूड़ियां सजाने की तैयारी कर रही हैं। दुकानों पर भी विशेष रूप से करवाचौथ थीम की चूड़ियां सजी हैं। कहीं लाल मेटलिक ग्लास चूड़ियों के साथ सुनहरे कंगन रखे हैं तो कहीं हरे रंग की प्लास्टिक और लाख की चूड़ियों की ध्यान खींच रही हैं।
इंसार बाजार में चूड़ियों के दुकानदार माही ने बताया कि हर साल करवाचौथ से पहले महिलाओं की भीड़ बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा मांग लाल और हरे रंग की मिक्स डिजाइन चूड़ियों की है। कुछ महिलाएं तो साड़ी या सूट के रंग से मिलती जुलती चूड़ियों का सेट बनवा रही हैं। करवाचौथ पर चूड़ियों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ जाती है।
ऑनलाइन शॉपिंग भी पसंद
चूड़ियां खरीद रहीं रामनगर की अंजू ने बताया कि इस बार स्टोन वर्क वाली हरे रंग की चूड़ियां खरीदी हैं जो सूट से बिल्कुल मैच कर रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी करवाचौथ चूड़ियों की मांग बढ़ गई है। कई वेबसाइटों पर करवाचौथ स्पेशल बैंगल सेट के नाम से खास सेक्शन बनाए गए हैं। कोमल ने बताया कि खास बात यह है कि अब महिलाएं ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन शॉपिंग को भी पसंद कर रही हैं ताकि वे अपनी मनपसंद डिजाइन घर बैठे पा सकें। करवाचौथ पर पहनी जाने वाली चूड़ियां सिर्फ श्रृंगार का हिस्सा नहीं बल्कि सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं। लाल रंग प्रेम और समर्पण का प्रतीक है जबकि हरा रंग सौभाग्य का संकेत देता है।
चूड़ियों की कीमत
चूड़ियों की कीमतें भी हर बजट के हिसाब से तय हैं। सामान्य ग्लास चूड़ियों का सेट 50 रुपये से 250 रुपये तक मिल रहा है। डिजाइनर या स्टोन वर्क वाली लाख की चूड़ियों की कीमत 300 रुपये से 800 रुपये तक है। मेटल और ऑक्सीडाइज फिनिश वाली चूड़ियां का सेट 1000 से 1500 रुपये तक बिक रहा है।