बबैल रोड की कालोनी शिवनगर स्थित एक मकान में 20 वर्ग फीट के तीन फीट गहरे गड्ढे में एक महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। तीनों कंकाल के साथ कपड़े भी मिले हैं। शव तो मिट्टी में गल चुके थे, लेकिन कपड़े नहीं। कपड़ों के फैबरिक से इस बात की भी जांच होगी कि शवों को कब दबाया गया होगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उसका कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट आने के लिए बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।
मंगलवार दोपहर एक बजे जब भरत नगर निवासी राज मिस्त्री मकान में काम कर रहा था तो वहां से चीटीं निकल रहीं थीं। मकान में रह रही सरोज के कहने पर हथौड़े से ठोकर यह देखना शुरू किया गया कि कहीं से जमीन खोखली न हो। इसी दौरान हाथौड़ा लगते ही फर्श नीचे गिर गई। राज मिस्त्री विकास ने बताया कि सबसे पहले एक कंकाल दिखा। मिट्टी हटाई तो हरा और फिरोजी रंग का कुर्ता, सूट और चुन्नी दिखे, जिस पर महिला का कंकाल होने की आशंका हुई। पुलिस ने पहुंचने पर और खुदाई कराई, जिससे महिला के बराबर में ही काले रंग की जैकेट और नीले रंग की पैंट मिली, उसमें भी कंकाल था। उसी के बराबर में तीसरा कंकाल भी मिला, उसके बनियान और हॉफ पैंट थी। बाद में मिले दोनों कंकालों की लंबाई कम थी, बच्चे हो सकते हैं। कंकाल मिलने के साथ ही वहां बेटे के साथ रह रही सरोज भयग्रस्त है।
शिव नगर निवासी महिला सरोज ने बताया कि वह मकान में अपने 10 वर्ष के बच्चे अंशुल के साथ रहती हैं, पति आदेश के साथ उसका तलाक हो चुका है। यह मकान अगस्त 2018 में शुगर मिल निवासी पवन ने फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर करीब पांच लाख रुपये में जगदीश नगर निवासी अहसान सैफी से खरीदा था। सरोज ने बताया कि सड़क बनने के बाद से मकान नीचे हो गया था, जिस पर उसने रविवार को राजमिस्त्री विकास बुलाया और मकान की फर्श को उठाने का काम शुरू कराया था। मकान की लॉबी में हथौड़ा मारते ही फर्श धंस गई। जिसके बाद उसने खुदाई करने का प्रयास किया, लेकिन वह हिस्सा भी धंस गया। कंकाल मिला तो पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी।
पड़ोसियों के मुताबिक जिस मकान में कंकाल मिले हैं, वह प्लाट बबैल के भूपेंद्र अहलावत का था। जिसको उसने कुम्हार सुरेश प्रजापत को फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर बेच दिया था, सुरेश ने मकान में चिनाई लगवाई, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह मकान में लेंटर नहीं लगा सका। न ही प्लाट की पूरी पेमेंट चुका पाया। जिसके बाद उसने प्लाट को जगदीश नगर निवासी अहसान सैफी को बेच दिया। एक साल इस मकान में अहसान सैफी रहा और फिर उसने शौकीन प्रापर्टी डीलर के माध्यम से अगस्त 2018 में इसे शुगर मिल निवासी पवन को बेच दिया था। तब से यहां पर सरोज अपने बेटे के साथ रह रही थी।
सरोज ने बताया कि जब रविवार को मकान की मरम्मत का काम शुरू कराया तो उसके पास एक पड़ोसी आया। उसने कहा कि मकान में ध्यान से रहना क्योंकि एक महिला और दो बच्चे यहां सें संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो चुके हैं। पड़ोसियों में चर्चाएं हैं कि सरोज से पहले इस मकान में अहसान करीब एक साल तक मकान में रहा। उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। फिर वह अकेला रहने लगा था। उसने टायलेट के लिए गड्ढा भी खुदवाया था। फिर तीन से चार महीने बाद वह घर बेचकर चला गया था।
पानीपत के विकास नगर में वर्ष 2020 में नर कंकाल मिला था। पुलिस ने जांच की तो महिला ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर दी थी और शव को बाथरूम के नीचे दबा दिया था। दोबारा निर्माणकार्य शुरू किया गया तो पति का कंकाल मिला था। उस मामले पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था।