पानीपत। औद्योगिक नगरी में टीबी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सौ दिन चलाए गए विशेष अभियान में 1599 लोग टीबी के संदिग्ध मिले हैं। जनवरी 2024 से अब तक जिले में 6955 मरीज पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए काम भी कर रहा है। टीबी के बढ़ते खतरे को देखें तो इस साल अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल 191 लोगों की मौत टीबी से हुई थी।
विश्व टीबी दिवस सोमवार को है। जिले और प्रदेश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सौ दिन का विशेष जांच अभियान सात दिसंबर को शुरू किया था। विभाग ने आशा वर्करों व अन्य कर्मियों के सहयोग से अभियान चलवाया। जिले में करीब 1.42 लाख लोगों की मैपिंग की गई थी। विभाग ने करीब 1.62 लोगों की स्क्रीनिंग की। जिले में 109 प्रतिशत स्क्रीनिंग रही। विभाग ने 13357 लोगों के नाम पोर्टल पर अपलोड किए। इनमें 3636 का एक्सरे, 2824 का सीबी एनएएटी और 3904 का माइक्रोस्कॉपी टेस्ट किया। इसमें 1599 लोग टीबी के संदिग्ध मिले हैं। इनमें से 1570 को उनकी रजामंदी पर सरकार द्वारा राशि जारी की।
स्वास्थ्य विभाग ने 1599 लोगों के साथ उनके परिवार व ज्यादा संपर्क में रहने वाले 6691 लोगों को स्क्रीनिंग की है। इनमें से 830 लोगों की दवा शुरू कर दी है। इस साल अब तक सामान्य जांच में 1201 टीबी के मरीज मिले हैं। इनमें सरकारी अस्पतालों में 761 और प्राइवेट में 440 मिले हैं।
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जिले के 33 गांव टीबी मुक्त
स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त भारत के लिए लगातार काम कर रहा है। जिले के 33 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं। विभाग जिला स्तर पर संबंधित पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। पहले यह कार्यक्रम 100 दिन के विशेष अभियान के सोमवार को होने वाले समापन कार्यक्रम में किया जाना था। अब इस कार्यक्रम को आगे किया जाएगा।
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विभाग लगातार कर रहा है जागरूक
स्वास्थ्य विभाग लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। पानीपत रिफाइनरी भी अपना सहयोग दे रही है। रिफाइनरी प्रबंधन ने गत दिनों स्वास्थ्य विभाग को न्यूट्रिशियन किट दी है। विभाग ये किट संबंधित लोगों तक पहुंचा रहा है।
वर्जन :
टीबी मुक्त भारत के लिए लगातार काम किया जा रहा है। हाई रिस्क लोगों की पहचान कर जांच की जाती है। संदिग्ध लोगों के नजदीकी लोगों को पहचान कर उनका इलाज भी शुरू किया जाता है। विभाग द्वारा सौ दिन का अभियान सोमवार को खत्म होगा। सीएचसी स्तर पर जागरूक कार्यक्रम किए जाएंगे।
डाॅ. लाभ सिंह, नोडल अधिकारी-टीबी