कैमरा लगा होने के बाद भी फोन से फोटो खींचते कर्मचारी। संवाद
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पानीपत। जिले की मंडियों में गेहूं की आवक तेज हो गई। मंडियों में गेटपास की व्यवस्था में सुधार नहीं है। मंडी के गेट पर लगाई तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरे) का असर दिखाई नहीं दे रहा है। गेटपास के लिए ट्रैक्टर का फोटो मोबाइल पर किया जाता है। इसके बाद कंप्यूटर पर अपलोड करने के बाद गेटपास की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इसमें 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में अभी से मंडी में गेट पर लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई है।
अनाज मंडी में गेटपास की स्थिति जानने के लिए शुक्रवार को पानीपत व समालखा मंडी का मौका देखा। पानीपत मंडी में दोपहर के समय एक गेटपास काटने के लिए 10 से 15 मिनट का समय लगा। सीसीटीवी कैमरा होने के बाद भी गेटपास कर्मी को अपने मोबाइल से फोटो लिया। इसके बाद कर्मी ने इसे अपलोड किया। किसान को इसके बाद गेटपास दिया गया। सिवाह गांव के राजबीर ने बताया कि गेटपास सबसे बड़ी समस्या बन गई है। एक गेटपास 10 से 15 मिनट में मिलता है। डाहर गांव के रमेश ने बताया कि आगे ट्रैक्टर-ट्रॉली होने के कारण उनको आधे घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। वह इतने समय में ट्रॉली खाली कर दूसरा चक्कर लगने के लिए खेत में पहुंच जाता।
समालखा में गेहूं की खरीद तेज हुई
जिले की मंडियों में 56361 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसमें से 29292.5 मीट्रिक टन की खरीद की है। समालखा मंडी में 15861 गेहूं की आवक हुई। पानीपत में 14064, इसराना 10700 और मतलौडा में 5605 मीट्रिक टन गेहूं आया है। समालखा मंडी में 12556 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। पानीपत में 5655, इसराना में 894 और मतलौडा में 3141 मीट्रिक टन की खरीद की है। खरीद एजेंसी हैफेड ने 24438, एचडब्ल्यूसी ने 6796 और एफसीआई ने 58.5 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
मंडी में दो जगह गेटपास की व्यवस्था है। इसमें ज्यादा समय नहीं लग रहा है। सीजन तेज होने पर गेटपास पर कर्मी बढ़ाएं जाएंगे।
अवतार शास्त्री, चेयरमैन, मार्केट कमेटी, पानीपत।