पानीपत। संयुक्त व्यापार मंडल का कार्यकाल खत्म हो गया है। अब नए प्रधान को चुनने के लिए चर्चाएं तेज हो गई हैं। निवर्तमान कार्यकारिणी सर्वसम्मति से प्रधान बनाना चाहता है जबकि शहर के कई बाजारों के संगठन दो चार चेहरों से आगे प्रधान और चेयरमैन बनना चाहते हैं। इसके लिए इस बार संयुक्त व्यापार मंडल का चुनाव कराने की मांग तेज हो गई हैं।
शहर के प्रमुख 45 बाजाराें का प्रतिनिधित्व संयुक्त व्यापार मंडल करता है। यह अनौपचारिक संगठन है और 1995 से अस्तित्व में आया था। व्यापारियों ने पुराने काले मीटर बदलने के समय बाजारों के प्रधान एकजुट होकर आगे आए थे। दर्शनलाल वधवा की अगुवाई में जीटी राेड भी जाम कर दिया था। इसके बाद समस्या का समाधान किया गया था। दर्शनलाल वधवा इसके पहले प्रधान बने थे और निवर्तमान में वे ही मंडल के प्रधान हैं। इसके बीच 2018 में अनिल मदान प्रधान बने थे। वर्ष 2020 में प्रधान के लिए विवाद हो गया था। राजेश सूरी के गुट ने संयुक्त व्यापार मंडल समिति अलग से बना लिया था। उन्होंने राजेश सूरी को प्रधान बनाया था। अनिल मदान गुट ने सुनील अराेड़ा काे प्रधान बनाया था। संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान समेत पूरी कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा हाे गया है। मंडल की बैठक कर माैजूदा कार्यकारिणी काे भंग कर नई गठित करने की तैयारी चल रही हैं। निवर्तमान प्रधान दर्शन लाल वधवा ने ब ताया कि वे युवा चेहरे को प्रधानी देना चाहते हैं। इसके लिए सभी लाेगों से बात चल रही है। सबकी सहमति से प्रधान बनाया जाएगा।
मंडल उठाता है व्यापारियों की मांग
शहर की 45 व्यापारिक संगठनों को मिलाकर बनाया गया है। इसका उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाया जाता है। इसमें बाजार में सफाई, सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में सुधार कराना है। वहीं नए प्रधान के लिए कोई दर्शनलाल वधवा को बनाने की बात कह रहे हैं जबकि दर्शनलाल वधवा नए चेहरे को प्रधानी देना चाहते हैं। इसके लिए अगले सप्ताह बैठक बुलाई जा सकती है। इसमें पहले सर्वसम्मति से कार्यकारिणी बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें आम राय नहीं बन पाती है तो चुनाव कराया जा सकता है।